लॉन्च के बाद पहली बार अप्रैल में 1 लाख करोड़ के पार पहुंचा GST कलेक्शन, बना रिकॉर्ड

पिछले साल जुलाई  में लागू किए जाने के बाद जीएसटी कलेक्शन में लगातार उतार-चढ़ाव नजर आ रहा था, लेक‍िन अप्रैल में कलेक्शन ने एक नया रिकॉर्ड  बना लिया है. लॉन्च के बाद से यह पहली बार है, जब किसी महीने में जीएसटी के तहत कलेक्शन 1 लाख करोड़ के पार पहुंचा है. अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन अब तक के मासिक कलेक्शन के मुकाबले सबसे ज्यादा 1.03 लाख करोड़ रुपये रहा.

वित्त मंत्रालय ने जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए हैं.  आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में कुल 1,03,458 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है. इसमें केंद्रीय जीएसटी (CGST) 18652 करोड़ रुपये , राज्य जीएसटी (SGST) 25704 करोड़ रुपये और इंटिग्रेटिड जीएसटी (IGST) 50548 करोड़ रुपये है. इसके अलावा 8554 करोड़ रुपये सेस के तौर पर एकत्र‍ित हुए हैं.

वित्त मंत्रालय ने जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए हैं. मंत्रालय ने बेहतर कलेक्शन के लिए अर्थव्यवस्था के स्तर पर सुधरी हालत और व्यवस्था लागू करने में आई सरलता को वजह माना है. हालांकि इसके साथ ही मंत्रालय ने चेताया है कि कलेक्शन में यह बढ़ोतरी पिछले व‍ित्त वर्ष के टैक्स एरियर्स के भुगतान की वजह से भी हो सकता है.

मंत्रालय ने कहा है कि आने वाले दिनों में जीएसटी कलेक्शन और भी बेहतर होने की उम्मीद है. क्योंकि 1 अप्रैल से लागू हुआ ई-वे बिल से कोई भी कारोबारी लेन देन को कमतर दिखाकर टैक्स देने से नहीं बच सकेगा.

मंत्रालय के मुताबिक मार्च से 30 अप्रैल तक भरे गए गए जीएसटीआर 3बी रिटर्न फाइल की संख्या 60.47 लाख पर पहुंच गई है. हालांकि यह उन 87.12 लाख करदाताओं के मुकाबले कम है,  जिन्हें मार्च का रिटर्न भरना है.  इसके अलावा 11.47 लाख कंपोजिशन डीजलर ने अप्रैल में अपना तिमाही रिटर्न भरा है. कुल 19.31 लाख कंपोजिशन डीलर में से 11.47 लाख डीलर्स  ने 579 करोड़ का टैक्स भरा.