विपक्ष ने कहा- सभापति सदन में बोलने नहीं देते, 6 माह में तीसरी बार वेंकैया पर भेदभाव का आरोप

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नई दिल्ली. विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सभापति जनता के हितों से जुड़े मुद्दे सदन में उन्हें नहीं उठाने दे रहे हैं। इसके विरोध में विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को दिन भर के लिए राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, एनसीपी, टीएमसी, डीएमके, आप आदि दलों के नेता शामिल रहे। वेंकैया पिछले साल अगस्त में उपराष्ट्रपति बने थे। उसके बाद से विपक्ष ने उन पर यह तीसरी बार पक्षपात का आरोप लगाया है।

राज्यसभा की कार्यवाही में आज शामिल नहीं होगा विपक्ष

– सदन स्थगित होने के बाद विपक्ष ने मीटिंग की। फैसला हुआ कि मंगलवार को बाकी बचे वक्त में विपक्ष कार्यवाही में शामिल नहीं होगा। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “मीटिंग में राज्यसभा चलाए जाने के तरीके पर चिंता जाहिर की गई है। पहले कदम के तौर पर हम सभापति को लेटर भेजेंगे। इसमें हमने कहा है कि राज्यसभा में विपक्ष की आवाज बंद कर सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है।”

– लेटर पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के सांसदों ने दस्तखत किए।


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