शंकरदान चारण – जवान/फौजी/सैनिक – साप्ताहिक प्रतियोगिता

दिल दिया है जान भी देंगे वतन के लिए …
दिल दिया है जान भी देंगे वतन के लिए
मरते दम तक पैगाम देंगे वतन के लिये
हम सेनिक है इस धरा के ये मा हमारी
शहिदी तक पा जाएंगे है मा तेरे लिए
कौन है जो आंखें उठाता सामने
कौन है जो बाहे चढाता सामने
फ़ोलाद बनकर सामने खडा़ हू मै
चट्टान के भी सामने अडा़ हूँ मै
मै सेनिक लड़ता हु शहिदी के लिए
प्राण न्योछावर करता वतन के लिए
दिल दिया है जान भी देंगे वतन के लिए
मरते दम तक पैगाम देंगे वतन के लिये
है कोन जो मेरे देश पर बन्दुक ताने
है कोन जो मेरी धरती को अपना माने
जब तक देश का सेनिक जिन्दा है
महफ़ुज हर एक बाशिंदा है
खुन से खेलेन्गे होली वतन के लिये
सिने पर खायेन्गे गोली वतन के लिये
दिल दिया है जान भी देंगे वतन के लिए
मरते दम तक पैगाम देंगे वतन के लिये