शिलांग में दूसरे दिन भी हालात तनावपूर्ण, CM ने लोगों से की शांति की अपील

मेघालय की राजधानी शिलांग में लगातार दूसरे दिन स्थिति खराब है. यहां बस चालकों के समूह और स्थानीय निवासियों के बीच हुई झड़प के हिंसक हो जाने के बाद 14 इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था. तनावपूर्ण हालात के चलते शिलांग में रात में कर्फ्यू जारी रखने के आदेश हैं. हालांकि आज यहां हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. सीएम ने स्थिति की समीक्षा करने के लिए आपात बैठक की है. पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. कल हुए पथराव में एसपी भी जख्मी हो गए हैं. कई पुलिसकर्मी भी घायल हैं. अधिकारियों ने बताया कि थेम मेटोर इलाके के स्थानीय निवासियों के एक समूह ने बस के एक सहायक के साथ कथित तौर पर मारपीट की, जिसके बाद यह झड़प हुई.

एक अधिकारी ने बताया कि इस झड़प ने तब और उग्र रूप ले लिया, जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि घायल सहायक की मौत हो गई, जिससे थेम मेटोर में बस चालकों का समूह इकट्ठा हो गया. उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

बस सहायक और तीन अन्य घायलों को अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस उपायुक्त पीएस दकहर ने बताया कि कर्फ्यू शुक्रवार तड़के चार बजे लगाया गया था.

कर्फ्यू के बावजूद शहर के मोटफ्रान इलाके में सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच नए सिरे से झड़प शुरू हो गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने दोपहर में कानून और व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया.

गृहमंत्री जेम्स के संगमा और कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ सहयोगियों ने भी उच्च स्तरीय बैठक की. कॉनराड संगमा ने बताया कि वह शिलांग में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की. मोटफ्रान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है जहां पत्थरबाजों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हुआ. जिला प्रशासन ने थेम मेटोर इलाके समेत लुमदियेंगजी पुलिस थाना क्षेत्र के तहत आने वाले 14 इलाकों में कर्फ्यू लगाया था.