शिवसेना की कांग्रेस से ‘दोस्ती’ BJP से भी पुरानी, क्या महाराष्ट्र में खिलने वाला है ‘नया गुल’? Auto Draft

महाराष्ट्र में शिवसेना नेता संजय राउत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से हुई मुलाकात के बाद दिल्ली तक हलचल बढ़ गई है. बीजेपी से 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी शिवसेना उस समय नरम पड़ती दिखाई पड़ी जब विधायक दल की बैठक में एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना गया. क्योंकि उद्धव ठाकरे पहले भी तय कर चुके हैं कि शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री आदित्य ठाकरे ही होंगे. लेकिन संजय राउत की शरद पवार से मुलाकात के बाद शिवसेना का रुख और सख्त हो गया है. आज सुबह संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ सरकार बनाने को लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है और इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री शिवसेना की होगा.  तो क्या शिवसेना एनसीपी के समर्थन से सरकार बनाने को तैयार है? लेकिन इसके लिए क्या शिवसेना को कांग्रेस का भी समर्थन लेने को राजी हो जाएगी? इसके लिए हमें बीते राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर डालनी पड़ेगी. कांग्रेस और शिवसेना में भले ही गहरे वैचारिक मतभेद रहे हों लेकिन मौका पड़ने पर दोनों दल एक साथ आ चुके हैं.