श्रद्धान्जलि शुक्ला – पति-पत्नी – साप्ताहिक प्रतियोगिता

1)साथ रहे हरदम पिया,खुशियाँ हो फिर पास।

इक दूजे के प्रेम से,बने प्रीत फिर खास।

2)दुनिया में मजबूत है,पति पत्नी संबंध।

सात फेर से बंधता,जीवन का यह बंध।

3)साँसों का बंधन यही,कौन सके है तोड़।

मंगल पावन सूत्र से,जुड़ा रहे बेजोड़।

4)हमराही जो साथ हो,बढ़ जाता है मान।

हाथों में जो हाथ हो,सजे प्रीत की शान।

5)छोड़ सभी देते सदा,रिश्ते नाते साथ।

मरते दम तक थामता,पति पत्नी का हाथ।

6)लड़ते भिड़ते हैं सदा, पर अटूट है प्रेम।

प्रभु की होती है यही,सबसे अनुपम नेम।

7)सजती सजनी साजना,लेकर तेरा नाम।

तेरे घर को ही कहे,अपने चारों धाम।

8)पति पत्नी के प्यार से,सजा रहे संसार।

फिर देती अंजलि सदा,ईश्वर को आभार।