सत्ता हथियाने के लिए आप पार्टी के दिखावे के सिद्धांत

अरविंद केजरीवाल सरकार की तीन साल की कहानी उस व्यापारी के सपने के समान है जिसको लोगों
ने 67 सीटे थमा डाली परंतु उसने बार-बार दिल्ली के आम आदमी को गुमराह किया है। उन्होंने
मीडिया स्टंट तथा मुसीबतें बनाकर सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाया है। राष्ट्रीय राजधानी एक ऐसी
दिशाहीन सरकार द्वारा चलाई जा रही है और दिल्ली के लोगांे का सब्र का बांध टूट चकु ा है और अब
वे ड्रामा पोलिटिक्स बनाम कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए विकास की तुलना कर सकती है।
केजरीवाल सरकार के पिछले तीन साल दिल्ली के लिए न सिर्फ व्यर्थपूर्ण रहे है बल्कि उन्होंने उन
मुख्य बातों जिस पर आम आदमी पार्टी बनी थी चुनकर आई थी। उनपर भी उन्होंने एक के बाद एक
समझौते किए है। टीम केजरीवाल ने बड़े सहज तरीके से लोकपाल के सिद्धांतो, पारदर्शिता, आंतरिक
लोकतंत्र को दरकिनार करके वीआईपी संस्कृति, परिवारवाद तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।

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