सूरत रेप-मर्डर केस: आंध्र से आए परिवार ने पीड़िता को बताया अपनी बेटी

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गुजरात के सूरत के पांडेसरा इलाके में सड़क किनारे बरामद लड़की के शव की गुत्थी को पुलिस सुलझाने के करीब पहुंची चुकी है. आंध्र प्रदेश के एक परिवार ने बच्ची उनकी होने का दावा किया है. पुलिस दावा करने वाले पिता और बच्ची का डीएनए करवाने के लिए सैम्पल भेजा है. यह बच्ची पिछले साल अक्टूबर से गायब थी. 6 अप्रैल को उसका शव मिला है.

जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश से पुलिस के साथ आए एक शख्स ने दावा किया है कि रेप और हत्या की शिकार हुई बेटी उसकी है. उसने कहा कि उसकी डीएनए जांच करा लिया जाए. इसके बाद पुलिस ने उसका डीएनए सैंपल लैब भेज दिया है. दावा करने वाले शख्स का नाम मकन चीना नगैया डिवैया है. वह आंध्र प्रदेश के प्रकासम स्थित गोब्बूर का रहने वाला है.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि देश भर के पुलिस मुख्यालयों पर लावारिश बच्ची की तस्वीर भेजा गया था. इसके बाद आंध्र प्रदेश के एक परिवार ने दावा किया बरामद लड़की उनकी बेटी है. पुलिस परिवार के दावे को प्रमाणित करने के लिए बच्ची और उसके पिता का डीएनए करा रही है. डीएनए सैंपल भेजा जाएगा. इसके बाद उनके दावे को माना जाएगा.

पुलिस की माने तो पिता के पास बच्ची का आधार कार्ड है. लेकिन इससे उनका दावा प्रमाणित नही होता है. पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने बताया कि बच्ची की पहचान के लिए हमने पोस्टर लगवाए और भारत के सभी पुलिस अधीक्षक को भेजा था. इसी क्रम में आंध्र प्रदेश पुलिस गुमशुदा बच्ची के परिवार से मिली. इसके बाद इन्होंने सूरत पुलिस से संपर्क किया.

आखिरकार आंध्र प्रदेश के परिवार के दावे से सूरत पुलिस ने राहत की सांस ली है. लेकिन इसके साथ ही कई ऐसे सवाल भी खड़े हो गए हैं कि अक्टूबर में गायब यह बच्ची सूरत तक कैसे पहुंची? बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी हत्या करने वाला हैवान कौन है? ऐसे कई सवाल है जिसका जवाब पाना सूरत पुलिस के लिए इतना आसान नहीं है.


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