सेना के कैडर में बड़े फेरबदल की तैयारी, होगा जवानों का बेहतर इस्तेमाल

भारतीय सेना अपने कैडर का पुनर्गठन करने जा रही है. इसके द्वारा 39,000 अफसरों और 10 लाख जवानों वाली सेना के आकार में भी बदलाव आएगा. सेना के जवानों के बेहतर इस्तेमाल के लिए यह कवायद शुरू की जाएगी.

इसके पहले साल 2004 में एक पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी गई थी, जिसके द्वारा कर्नल और ब्रिगेडियर्स के एज प्रोफाइल में कुछ बदलाव किया गया था.

भारतीय सेना के पुनर्गठन में भविष्य की जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा और इस पर भी गौर किया जाएगा कि सेना को किस तरह से कांट-छांट कर दुरुस्त बनाया जाए. गौरतलब है कि मोदी सरकार ने सेना को अपने जवानों के बेहतर इस्तेमाल के लिए कहा था.

असल में भारतीय सेना में कई परंपराएं अंग्रेजों के जमाने से चल रही हैं. सेना के पास अपने खेत से लेकर पशु तक हैं ताकि सभी कैंट में दूध आदि की सप्लाई सुनिश्चित हो सके.

इसके अलावा, सेना के वाहनों के रखरखाव और डाक सेवाओं के लिए भी आंतरिक व्यवस्था थी. ऐसे कई प्रभाग बंद कर दिए गए और तोप, सप्लाई कॉर्प्स और मोटर ट्रांसपोर्ट विंग का विलय कर दिया गया है और इनके कुछ काम बंद कर दिए गए हैं.

भारतीय सेना के पुनर्गठन की जिम्मेदारी मिलिट्री सेक्रेटरी की होगी. सेना के इस विंग द्वारा ट्रांसफर और कैडर की मजबूती का निर्णय लिया जाता है. इस कमिटी को नवंबर 2018 तक अपनी रिपोर्ट देनी है, जिस पर पहले सेना और फिर सरकार की मुहर लगेगी.