हिंदू पक्ष को बीच में टोक बोले राजीव धवन- वहां अदृश्य देवता की पूजा होती है

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर मंगलवार को भी सुनवाई जारी है. आज रोजाना सुनवाई का 35वां दिन है. सुप्रीम कोर्ट में अब हिंदू पक्षकारों की तरफ से रामलला के वकील के. परासरण ने अपनी दलील रखनी शुरू की. अदालत ने हिंदू पक्षकारों को गुरुवार तक अपनी दलीलें खत्म करने को कहा है.

12.10 PM: इन दलीलों पर मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील राजीव धवन ने बीच में ही टोका. राजीव धवन ने कहा कि हिंदू पक्षकारों ने जो चिदंबरम या मयलापुरम के उदाहरण दिए हैं वहां मंदिर हैं और उपासना अदृश्य देवता की होती है.

12.00 PM: सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्षकार की ओर से परासरण ने श्लोक पढ़ा और कहा कि पापकर्म की बदनामी मृत्यु से भी निकृष्ट है. उन्होंने कहा कि लोगों का अगर किसी भूमि स्थान पर अलौकिक शक्तिशाली और ऊर्जा होने का विश्वास और श्रद्धा है, तो वो भी कानूनी व्यक्ति हो जाता है. यानी उसे संकट के समय अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए अदालत जाने का हक है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन गुणों की घोषणा स्वयंभू है या किसी ने की है.

वकील ने कहा कि हिन्दू सनातन दर्शन में तो पांच तत्व धरती, गगन, अग्नि, वायु और जल के साथ दसों दिशाओं की पूजा होती है. श्रीदेवी भू-देवी भी पूजित हैं. उन्होंने कहा कि चिदंबरम मंदिर में शिव का लिंग नहीं है, वहां एक पर्दा है. पर्दा हटता है तो नटराज के दर्शन होते हैं. तमिलनाडु के समुद्रतट पर मयलापुरम में भी मंदिर है, पर मूर्ति नहीं.