1857 में नहीं, 51 साल पहले हुई अंग्रेजों के खिलाफ थी पहली बगावत

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1857 का स्वाधीनता संग्राम जिसे सामान्य तौर पर भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है. लेकिन उससे 51 साल पहले भी एक विद्रोह हुआ था, जिसे अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की पहली लड़ाई कहा जाता है. यह विद्रोह आज ही दिन यानी 10 जुलाई को वैल्लोर में हुआ था. बताया जाता है कि विद्रोहियों ने वेल्‍लोर किले पर कब्‍जा करके 200 अंग्रेज सैनिकों को मारा और घायल कर दिया था.

क्या थी वजह?

साल 1806 में हुई इस लड़ाई की वजह थी ड्रेस कोड. दरअसल अंग्रेजों की ओर से लगाए गए एक ड्रेस कोड की वजह से भारतीय सिपाहियों ने अंग्रेजों का विरोध किया था. इस ड्रेस कोड में हिंदुओं को तिलक-टीका लगाने और मुस्लिमों को दाढ़ी रखने पर पाबंदी लगा दी थी, जिससे कई सिपाहियों ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी.

एक दिन चला विद्रोह

इस दौरान विद्रोहियों ने वैल्‍लोर किले पर कब्‍जा करके 200 अंग्रेज सैनिकों को मारा और घायल कर दिया था. यह विद्रोह वेल्‍लोर में शुरू हुआ और एक ही दिन चला, ये बगावत 1857 की क्रांति से 51 साल पहले अंजाम दी गई. विद्रोहियों ने टीपू सुल्‍तान के बेटों की ताकत को फिर से मजबूत करने की कोशिश भी की थी. कई अदालतों में चले मुकदमों के बाद करीब 100 विद्रोहियों को फांसी की सजा हुई.

‘पाइका विद्रोह था पहला स्वतंत्रता संग्राम’

हाल ही में सरकार की ओर से सिफारिश की गई थी कि 1817 का पाइका विद्रोह पहला संग्राम माना जाएगा. वहीं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी कहा था कि 1817 के पाइका विद्रोह को अगले सत्र से इतिहास की पाठ्य पुस्तकों में ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ के रुप में स्थान मिलेगा. बताया जाता है कि 1817 में ओडिशा में हुए पाइका बिद्रोह ने पूर्वी भारत में कुछ समय के लिए ब्रिटिश राज की जड़े हिला दी थीं.


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