2019 की तैयारी, जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस

राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है. इस दौरान पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव वाले सियासी घटनाक्रम देखे हैं. राहुल गांधी के कमान संभालने के बाद गुजरात में सरकार न बना पाने के बावजूद कहा गया कि पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया. वहीं कर्नाटक में पार्टी की सक्रियता ने गठबंधन सरकार बनाने में सफलता दिलाई है. अब राहुल गांधी राज्यवार पार्टी के ढांचे में बदलाव कर रहे हैं ताकि नए लोगों को मौका मिले. राहुल की इन कवायदों को 2019 की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.

राहुल गांधी ने जिम्मेदारी संभालते ही पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव तो किए ही, राज्य में कांग्रेस के ढांचे में कई परिवर्तन किए. उनके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव की तैयारी में पूरे जोश से जुटी कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने को लेकर गंभीर हो गई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने राज्य के मीडिया विभाग समेत संगठन की चार इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया.

यूपी कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष (प्रशासन) डॉ. आरपी त्रिपाठी की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि प्रदेश कांग्रेस संगठन को सुसंगठित करने के उद्देश्य से पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत संगठन विभाग, वित्त विभाग और प्रशासनिक विभाग के संबद्ध प्रदेश पदाधिकारियां को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के अग्रिम आदेश तक के लिए भंग किया जाता. इसके साथ ही पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत यूपी कांग्रेस के मीडिया विभाग को भी भंग किया जाता है. जल्द ही इन विभागों का पुनर्गठन होगा.

मध्य प्रदेश में कमलनाथ पर भरोसा

कुछ ही दिन पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में परिवर्तन किया गया था. राहुल गांधी ने दिग्गज नेता कमलनाथ को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इसी साल के अंत में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. कमलनाथ के पास इस समय हरियाणा और पंजाब का प्रभार है.

हरियाणा में बदलाव की तैयारी

जाटों की बहुलता वाले हरियाणा का बॉर्डर दिल्ली से सटा है. हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी के चलते काफी उठा पटक रही है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान राज्य में पार्टी के अध्यक्ष पद से अशोक तंवर को हटा कर किसी दलित चेहरे को लाना चाहती है. हरियाणा के एक और दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा का नाम पार्टी के केंद्रीय संगठन महासचिव की दौड़ में बताया जा रहा है.

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए कुमारी शैलजा का नाम आगे बताया जा रहा है. हरियाणा की पूर्व मंत्री गीता भुक्कल और पार्टी विधायक उदय भान के नाम भी प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष की दौड़ में बताए जा रहे हैं.

राजस्थान में नए कार्यकर्ताओं को मिलेगी तरजीह

चुनावी साल में कांग्रेस राजस्थान में अपने संगठन को नया लुक देने में जुटी हुई है. पार्टी पदाधिकारियों की संख्या कम करने पर जुटी है. जिला कार्यकारणी को 100 तक सीमित करने की तैयारी जारी है.राज्य विधानसभा में करीब पांच महीने बचे हैं. इसलिए पार्टी पुराने लोगों को हटाकर नए और ऊर्जावान लोगों  को पार्टी से जोड़ने की कवायद के तहत बदलाव करने की तैयारी में है. इसके मुख्य वजह राहुल गांधी के निर्देश को माना जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कांग्रेस में अब नये लोगों को जगह दी जाएगी.

गौरतलब है कि 2019 की तैयारियों में लगी कांग्रेस ने संगठन में फेरबदल की कवायद के साथ ही जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की कोशिशों में भी लगी हुई है. इसके तहत ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे हैं. वहीं अनुसूचित जाति वर्ग में भी अपनी पैठ बनाने के लिए यूपी कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जुलाई महीने से पार्टी अनुसूचित जाति विभाग द्वारा ‘संविधान बचाओ पदयात्रा’ शुरू की जाएगी.

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