260 दिन बाद FIR दर्ज, DGP बोले- विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ अभी सिर्फ आरोप

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. आरोपी विधायक पर उन्नाव के माखी थाने में बुधवार देर रात आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके साथ यूपी सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी है.

गृह विभाग ने पीड़िता के पिता की मौत की जांच की सिफारिश भी सीबीआई से की है. इस मामले में उन्नाव जिला अस्पताल के 2 डॉक्टर सस्पेंड किए गए हैं. इसके अलावा जेल अस्पताल के भी तीन डॉक्टरों पर गाज गिरी है. इनपर पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है. वहीं, सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह भी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किए गए हैं.

SSP आवास के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा

बुधवार की शाम को लखनऊ एसएसपी के आवास के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर देर रात बेहद नाटकीय घटनाक्रम के तहत एसएसपी आवास पहुंच गए. उन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वह सिर्फ एसएसपी से मिलने आए थे. सरेंडर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जैसा पार्टी हाईकमान आदेश देगा, वे उसका पालन करेंगे.

सेंगर ने कहा- मैं साजिश का शिकार

एसएसपी आवास के बाहर आरोपी विधायक ने कहा कि, ‘जांच रिपोर्ट में क्या है, मुझे नहीं मालूम. एसआइटी रिपोर्ट में क्या-क्या मामले आए हैं, इसका मुझे कुछ नहीं पता. यह कहा जा रहा है कि मैं भाग गया हूं, फरार हो गया हूं. इसलिए मैं यह दिखाना चाहता हूं कि मैं जनता का आदमी और जनता के बीच में हूं. इसीलिए मैं सामने आ रहा हूं.’

‘मेरे खिलाफ साजिश की गई है’

उन्होंने कहा, ‘मुझे रेप का आरोपी बनाया गया है. मैं ये सपने में भी नहीं सोच सकता. मेरे खिलाफ साजिश की गई है. मेरा मीडिया ट्रायल किया गया है. मैं साजिश का शिकार हुआ हूं. मैं चाहता था कि निष्पक्ष जांच हो. मैंने कभी किसी पर दबाव नहीं बनाया. यदि मैं दोषी हूं या मेरा भाई गुनहगार है, तो सजा मिलेगी. कानून के तहत सबको सजा मिलनी चाहिए.’

विधायक की पत्नी ने की DGP से मुलाकात

आरोपी विधायक की पत्नी संगीता सेंगर ने भी बुधवार को DGP ओपी सिंह से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा कि उनके पति निर्दोष हैं. उनको रेप केस में जानबूझकर फंसाया जा रहा है. पीड़िता और आरोपी का नार्को टेस्ट होना चाहिए. इसके बाद सच्चाई सामने आ जाएगी. यदि झूठे केस में मीडिया ट्रायल हुआ, तो वह अपनी दो बेटियों के साथ जहर खा लेंगी.

झूठे, मनगंढत और आधारहीन आरोप

संगीता सेंगर ने रोते हुए कहा था कि उनके पति के खिलाफ झूठे, मनगंढत और आधारविहिन आरोप लगाए गए हैं. इसकी वजह से उनकी दोनों बेटियों ने खुद को कमरे में कैद कर लिया है. उनके पति को पीड़ित किया जा रहा है. उनके पति जनता के प्रतिनिधि हैं. उनके बारे में हर कोर्ई जानता है कि वह साफ सुथरी छवि के हैं. इस मामले की जांच होनी चाहिए.

विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप था. उसने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी. जब वो थाने में गई तो एफआईआर नहीं लिखी गई. इसके बाद तहरीर बदल दी गई. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई.

पिता को बर्बरता से पीटने का आरोप

मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल हो गया. अब तक कुछ नहीं हुआ. दिल्ली से उसके पिता गांव आए, तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई है.

पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां

पीड़िता के पिता को बीते रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई. मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष थी. मृतक के परिजन ने बीजेपी विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है.

चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि ने बताया कि मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है. जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था.

सीएम आवास पर आत्मदाह का प्रयास

बताते चलें कि उन्नाव की रहने वाली 18 वर्षीय एक युवती ने बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर और उनके भाइयों पर पिछले साल गैंगरेप का आरोप लगाया था. अदालत के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोपियों के बजाय अपने पिता के खिलाफ कार्रवाई किये जाने से क्षुब्ध होकर पीड़ित युवती ने आत्मदाह का प्रयास किया था.