‘7 लोगों को थी सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी, 1 हफ्ते में की थी तैयारी’

भारतीय सेना के मास्टर जनरल ऑफ आर्डिनेंस ले. जनरल आर.आर निम्भोरकर ने हिन्दुस्तान से विशेष बातचीत में कहा कि सीमा पर लगातार कुछ न कुछ हो रहा है। यदि स्थिति को देखा जाए, तो भारत और पाकिस्तान के बीच ज्यादा बदलाव नही आया है।

स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है, लेकिन फिर भी भारत की जनता को भयभीत होने की आवश्यकता नही है। भारतीय सेना बहुत मजबूत है। भारत की जनता को भारतीय सेना पर भरोसा होना चाहिए। हम रात दिन बार्डर पर तैनात हैं, तो उन्हीं के लिए हैं। देश की रक्षा करने के लिए बार्डर पर डटे हुए है। इसलिए डर की जरुरत नही है। इसके अलावा जब गर्वमेंट से मजबूती मिलती है, तो सेना और भी ज्यादा मजबूत हो जाती है। इसके अलावा महत्वपूर्ण बात यह भी है कि सेना को खुलकर बोलने के अवसर भी मिले, जिनसे वह अपनी बातों को कह पाएगी। क्योंकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इन सभी की बहुत जरुरत है। साथ ही डिफेंस पॉलिसी में मजबूती आ रही है। भारतीय सेना हर मोर्चे का मुकाबला डटकर कर रहा है और करता रहेगा। भारत से यदि किसी ने भी मुकाबला करने की कोशिश की, तो सीधे मुंह तोड़ जवाब मिलेगा।

सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी एक सप्ताह में की थी

उन्होंने बताया कि वह भी सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा रहे हैं और इसकी जानकारी केवल छह लोगों को थी। एक सप्ताह में पूरी तैयारी की गई थी। सुबह साढ़े तीन बजे से टारगेट पर पहुंचे और आक्रमण के बाद साढ़े पांच बजे बेस कैंप वापस आ गए। इससे पाकिस्तान भौचक्का रह गया। भारतीय सेना का दुनियाभर में सैन्य शक्ति परचिय हो गया। इसलिए देश की जनता को डरने की आवश्यकता नही है। हम हैं, तो कोई डर नही है। आर्मी के लिए आम जनता हमेशा अच्छा सोचती है, तो यह भाव आर्मी बनाकर रखेगी।