गाना – ख़ान बदरे आलम

0 commentsViews:
photo
 जुल्फो के साये घटा बनके तेरे छाये  है |
 दिलकशी बिखरी लबो पे बनके अफसाना ||
 होश न खो दे ये तेरे चाहनेवाले दिलबर |
 पी के ऑखो से तेरे आज  माय का पैमाना  ||
 लहरा के यू न चलिए कही बर्फ न गिरजाये
तेरा हुस्न इतना दिलकश कि बेखुदी सी छाये ….२
तेरे लबो कि तबस्सुम कलियो पे जैसे सबनम
बेताब है फरिशते तेरे एक झलक को हमदम
इन शोख अदाओ पे हूरो को रसक आये …..
लहरा के यू न चलिए कही बर्फ न गिरजाये
तेरा हुस्न इतना दिलकश कि बेखुदी सी छाये ….२
बाकि है तेरे दम से रस्मे वफ़ा जहाँ में
तुम  सा नहीं कोई फूल गुलसिता  में
सावन कि है घटाये जुल्फो के तेरे साये ……………
लहरा के यू न चलिए कही बर्फ न गिरजाये
तेरा हुस्न इतना दिलकश कि बेखुदी सी छाये ….२
तुमे देखकर  उमगों ने दिल में अगाडाई..
कहेने लगी बहरे ऋत प्यार कि है आयी
ऑखो से तेरे माय का जाम छलक जाये …….
लहरा के यू न चलिए कही बर्फ न गिरजाये
तेरा हुस्न इतना दिलकश कि बेखुदी सी छाये ….२

Facebook Comments