प्रवासी – पदमा तिवारी दमोह

क्या कहूं दर्द है कितना प्रवासियों को देखा नहीं जाता हो रहा वापस शहर से गांव वह तो बैठ कर रो भी नहीं पाता।। कितनी स्थिति गंभीर है देख रहे इनकी तस्वीरें इतनी कड़ी धूप में चल रहे कैसी... Read more »

दंगा और लोकतंत्र – दीपक क्रांति

विषय -सत्ता/सत्ता का नशा/सत्ता से नुकसान(पॉवर) दंगा और लोकतंत्र‏ आज क्यों इंसान ही इंसान को मार रहा है एक इंसान दूसरे “इंसानों” के- दहशत में दिन गुज़ार रहा है सत्ता और सियासत के सामने इंसानियत क्यों हो रही... Read more »

मजदूर की आवाज़ – पूजा प्रसाद

मजदूर की आवाज़ मजदूर हैं हम मजबूर नहीं है आत्मसम्मान हमारा भी क्योंकि हम भी हैं एक इंसान। हम ताजमहल की बुनियाद हैं और हैं चार मीनार की दीवार, लाल क़िले की शान हैं और हैं चीन की लंबी... Read more »

ये समर्पण भूल न जाना – अजय कुमार पाण्डेय

ये समर्पण भूल न जाना त्याग, तपस्या, प्यार, समर्पण जीवन में कभी भूल न जाना मानवता का पर्याय यही है जीवन में कभी भूल न जाना। अलिखित पीड़ा द्वार खड़ा जीवन पर संकट आन पड़ा त्याग, तपस्या और मनोबल का… Read more »

लाॅकडाऊन के क्या नुकसान – सुनील शुक्ला

लाॅकडाऊन के क्या नुकसान। चीन के वुहान शहर में जन्मे कोरोना नामक एक अदृष्य विषाणु द्वारा दुनिया में फैली महामारी से , भारत भी अछूता नहीं रहा। तेजी से मनुष्यों में फैलने वाले इस... Read more »

कोरोना पर कविता एक प्रण – अजय कुमार पाण्डेय

कोरोना पर कविता एक प्रण कैसा पल आया जीवन में हाहाकार मचा जन जन में अदृश्य शत्रु के व्यवहारों से व्याकुलता मची त्रिभुवन में। आओ हम प्रतिकार करें अनुदेशों को अंगीकार करें अदृश्य भयावह इस शत्रु से राष्ट्र रक्षण का… Read more »

श्री जैन तरुण समाज ने दी अस्पतालों में पी पी टी की पूरी किट, जरूरतमंदो को राशन और खाना बांट रहे है

  दिल्ली के दिल चांदनी चौक स्थित लगभग 90 वर्ष पुरानी संस्था श्री जैन तरुण समाज  के उपमंत्री श्री मैकी जैन से बात करने पर पता चला की  हमारे देश में COVID19 (कोरोना... Read more »

कोरोना – डॉ बी.निर्मला

कविता: कोरोना चीन के वुहान शहर से निकलकर इटली,अमेरिका,स्पेन,जर्मनी,ईरानअब सारे विश्व में अपना भयानक रूप है दिखाती,महामारी कोरोना। ये कैसा वायरस,बीमारी है जिसने पूरी दुनिया में एकाएक तहलका मचा दिया और हजारों मनुष्यों को... Read more »

हार जायेगा कोरोना – गौरव सिंह घाणेराव

  हार जायेगा कोरोना राक्षशो का देश बना चीन,दया बिलकुल भी करी ना सुख,चैन देखो गया छीन,जैसी करी वैसी ही भरी ना निर्दयी बन जिन्दे जीव खाये,अक्ल भी घास चरी ना खुद तो डूबा कोरोना से पर... Read more »

कोरोना – राखी टी सिंह

कोरोना हेतु रचना प्रेषित है. डरा डरा सा मुंबईकर थमने वाली मुंबई मेरी आज रुकी रुकी सी दिखती है आतंकी हमला सुनामी दंगे फसाद से जो ना थमती है आज डरा डरा सा हर मुंबईकर अपने ही घरों में... Read more »