Articles by: SaraSach
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Sara Sach Now Media Partner of XBIT GIGAS ,Specialize in Corporate Events

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कन्या भ्रूण हत्या : कानून से ज़्यादा समाज जिम्मेदार

कन्या भ्रूण हत्या :  कानून से ज़्यादा समाज जिम्मेदार
बालिकाओं पर हो रहे अत्याचार के विरुध्द आवाज़ उठाने की ज़िम्मेदारी सिर्फ सरकारी तंत्र की नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक को इसके लिए आगे आने की जरूरत है। मेरा मानना है कि महिला सशक्तिकरण से पहले बालिकाओं के… Read more ›

पत्रकार का धर्म

पत्रकार का धर्म
(डा. नीरज भारद्वाज)पत्रकार अपने समय की आंख होता है। वह त्रिकालदर्शी की तरह सोच-समझ कर भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में लिखता तथा जानने-समझने की कोशिश करता है। सोचा जाए तो बदलते हुए परिदृश्य पर सबकी नजर जाती है,… Read more ›

ईसा ने कहा था

ईसा ने कहा था
        ईसा ने कहा था वे नहीं जानते वे क्या कर रहे हैं, उन्हें माफ कर देना मैं कैसे अनजान बनी रहती जबकि वे भी जान रहे थे कि वे क्या कर रहे हैं अब ये उनका… Read more ›

अधिकार हैं पर कई सवाल हैं

अधिकार हैं पर कई सवाल हैं
अधिकार हैं पर कई सवाल हैं  भारत का संविधान 26 जनवरी,1950 को लागू किया गया. संविधान की प्रस्तावना में उल्लेख है कि, ‘ हम. भारत के लोग भारत को एक प्रभुत्वसंपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों… Read more ›

इकरारनामा

इकरारनामा
हां मैं कबूलती हूं अपना हर अपराध नज़र से नज़र मिलाना चाहती हूं उन सदाचारियों और नेक दिल इन्सानों से जो दर्ज करा आए हैं मेरा अपराध हां, मैंने की अति व्यस्ततम लोगों के चेहरे पढ़ने की कोशिश अपने-अपनों की… Read more ›

पुस्तक समीक्षा, अन्नपूर्णानन्द के साहित्य संसार का आकलन

पुस्तक समीक्षा, अन्नपूर्णानन्द के साहित्य संसार का आकलन
किसी दिवंगत साहित्यकार के जीवन संघर्ष व रचना संसार को समझने के लिए उसके द्वारा लिखित आत्मकथा या डायरी को विष्वसनीय स्त्रोत माना जाता है, उसके बाद नम्बर आता है अंतरंग, परिचित, सहयोगी व सम्बंधित लोगों के संस्मरणों का। इस… Read more ›

साहित्य और पत्रकारिता

साहित्य और पत्रकारिता
कहा जाता है कि साहित्य समाज का दर्पण होता है अर्थात् साहित्यिक परिणति ही साहित्य की वह लोकमंगल कि धारा है, जिससे समाज के इतिहास का पता चलता है और उससे विकास तथा प्रगति की धारा बनती है, अन्यथा दिशाहीन… Read more ›

आखिर कब तक…धमाके

आखिर कब तक…धमाके
                    हैदराबाद के दिलसुखनगर में 2 सिलेसिलेवार धमाके हुए हैं. एक बार फिर और धमाका और कुछ लोगो की ज़िन्दगी और उनका परिवार ख़त्म हम कब तक इस डर के साए… Read more ›

भ्रष्टाचार आखिर लोग करें…. तो करें क्या…?

भ्रष्टाचार आखिर लोग करें….  तो करें क्या…?
प्रियो भवति  दानेन प्रियवादेन चापरः मंत्रमूलबलेनान्योयः प्रियः प्रिय एवं सः विदुरनीति अध्याय 7 इस विश्व में कोई व्यक्ति दान देने से, कोई मधुर बोलने से, कोई यंत्र एवं औषध से प्रिय होता है। किन्तु जो वास्तव में अच्छा एवं अनुकरणीय… Read more ›