क्या सज़ा मिलनी या होनी चाहिए …. ??

एक पत्नी जब भी अपने पति का mobile छूती …. उसके पति झपाटा मार कर mobile छिन लेते और अक्सर डांट पड़ती पत्नी को कि वो पति का mobile ना छूए ….... Read more »

औरत को घर बचाना है कैसे बचाए ??……..

रामायण में एक प्रसंग है कि राम जब वनवास में थे और एक बार नदी पार करने के क्रम में मल्लाह उनके पैर धो कर नाव में चढ़ने का अनुरोध करता है... Read more »

दुःख ..

दिल लगे तब दुःख होता है दुःख होता है तो तू रोता है जो रोता है तो चैन से सोता है सोता है तो सपनो में खोता है बातें जो तप चुकी दिन में शब्द जो पक... Read more »

क्या करें मन उदास है

(डॉ. नीरज भारद्वाज) 21वीं सदी के भारत में विकास को लेकर बहुत सारी बातें हो रही है। 21वीं सदी को लोग सूचना, विज्ञान, प्रौद्योगिकी आदि की सदी भी कह रहे हैं। इतना ही... Read more »

व्यंग्य: पुलिस पिटने के लिए है

कल मोनू रास्ते में मिला और मुझसे पूछा, कि भैया पुलिस में भर्ती होना चाहता हूँ. मैंने कहा अच्छी बात है तैयारी करो. उसने पूछा कि पुलिस में भर्ती होने के लिए... Read more »

परिवार ,समाज की एक इकाई अंग

परिवार ,समाज की एक इकाई अंग है ….. परिवार , हर इन्सान की जन्म-से मृत्यु तक की जरुरत है …. जैसा परिवार ,वैसा उस परिवार में रहने वाले इन्सान का व्यक्तित्व  होता... Read more »

बृहत् प्रामाणिक हिंदी कोश की समीक्षा

  बृहत् प्रामाणिक हिंदी कोश की समीक्षा रिपोर्टः-  शीर्षकः- बृहत् प्रामाणिक हिन्दी कोश।  प्रकाशनः- लोकभारती प्रकाशन, दरबारी बिल्डिंग, एम. जी. रोड़, इलाहाबाद। मूल संपादकः- आचार्य रामचन्द्र वर्मा। संशोधन-परिवर्धनः- डॉ. बदरीनाथ कपूर। पृष्ठ संख्याः- 1088. शब्द संख्याः- लगभग 49000. शब्दों का… Read more »

शिक्षक और शोध

वर्तमान समय में शिक्षक को लेकर बहुत सारे नए मत और विचार उभर कर आ रहे है। उन विचारों तथा विषयों पर चर्चा, परिचर्चा आदि भी हो रही है। लेकिन इन सब... Read more »

चल मेरे हमनशीं चल

चल मेरे हमनशीं चल अब इस चमन मे अपना गुजारा नही, बात होती गुलोँ तक तो सह लेते हम अब तो काँटो पे हक़ भी हमारा नही” “कभी चाहा तुझे ऐसा की रब जैसा... Read more »

बोलो माँ अब कैसी हो

माँ तुम अब न वैसी हो बोलो माँ अब कैसी हो ? उम्र  हुई है  अब सत्तर खड़ी हुई मिलती दर पर सबकी झोली देती भर खुद की फिर भी आँखें तर झलक रहा चेहरे पर ज़र आँखों से... Read more »