Articles by: Vibha Rani shrivastava

सीख लेना

सीख लेना
घूरा को घूरो और सीख लो तब का ज़माना ये नहीं था कि द्वारे द्वारे सीटी बजे और घर से कूड़ेदान बाहर रखा जाये ….. तब हर घर के थोड़ी दुरी पर बड़ा गढ़ा खोद कर रखा जाता था और… Read more ›

वक्त वक्त की टेर

वक्त वक्त की टेर
काअ हो तहरा घरे सभन चाचा लोगन के अलग अलग न्योता के कार्ड जाई नु ना ना हमरा घरे ऐ गो कार्ड जाई काहेए ….. जब हम तहरा भाई के शादी में अलग न्योता भेजनी अउरी तहरा चचेरा भाई बहीन… Read more ›

वर्ण पिरामिड

शीर्षक = जयहिंद >>>> 1 है भीती अधीती जयहिंद हिम ताज है तोड़ न सका है जयचंद संघाती >>>>> 2 भू गीती चुनौती अग्रवर्ती नेक-नीयती जुडाये अकृती जयहिंद उदोती >>>> 3 स्व सत विजयी खल हारा गर्व हमारा जयहिंद नारा… Read more ›

छोटी सी बात

करुणावती पत्रिका के लिए जब राशि देने का समय आया तो दुविधा ये हुई कि मैं रहती पटना में हूँ …. पैसा भेजना कानपूर है … { तब NEFT  जैसे कार्य से परिचित नहीं थी } बैंक का जमाना है… Read more ›

स्त्री कन्या नारी महिला

तनी ठहरीं ना …. हमरो ठोक लेबे दीं ….. दिन में हमरा मारले रहले हां ….. इतना कहते हुए , { माँ के रोकने के प्रयास … हाँ  हाँ … को अनदेखा करते हुए } …. रजाई में लिपट सोये… Read more ›

महिला दिवस की शुभकामनायें केवल एक दिन के लिए नहीं सालो साल के लिए हो ….

महिला दिवस की शुभकामनायें केवल एक दिन के लिए नहीं सालो साल के लिए हो ….
एक दिन का नहीं उत्सव हर दिन का हो उत्साह हो ….. 1 माला की सूता संजोये दो दो ड्योढीं सेतु है सुता । 2 घर गमले स्त्री-वट हो बोंजाई रिश्ते सम्भले। 3 बिहँसे हिय छूती शिखर सुता नैन में… Read more ›

स्त्री नारी महिला

हममें से किसी की आदत नही किसी को छेड़ने की किसी ने छेड़ा नहीं छोड़ना ऐसा सोच देखें बघनखे हमने भी पहन रखें ++ महिला दिवस आने वाला है गर्मी भी आने वाली है कुछ जोश का अधिकार तो हमें… Read more ›

स्त्री नारी महिला

== हममें से किसी की आदत नही किसी को छेड़ने की किसी ने छेड़ा नहीं छोड़ना ऐसा देखे बघनखे हमने भी पहन रखे ++ महिला दिवस आने वाला है गर्मी भी बढ़ चली है कुछ जोश का बढ़ जाना स्वाभाविक… Read more ›

स्त्री नारी महिला

== हममें से किसी की आदत नही किसी को छेड़ने की किसी ने छेड़ा नहीं छोड़ना ऐसा देखे बघनखे हमने भी पहन रखे ++ महिला दिवस आने वाला है गर्मी भी बढ़ चली है कुछ जोश का बढ़ जाना स्वाभाविक… Read more ›

श्राद्ध

श्राद्ध
आज अंतिम दिन पितृपक्ष का कल से नवरात्र शुरू जान में जान हो जाने में राह आसान हो जान लें जाना कहाँ है जाने से पहले आत्मतृप्ति के बाद आत्मा तृप्ति की जरूरत नहीं होती  तीन में कि तेरह में… Read more ›