फिल्म अछूत कन्याः एक अध्ययन

फिल्म अछूत कन्याः एक अध्ययन
डॉ. नीरज भारद्वाज (हंसराज कॉलेज, दि.वि.वि.) हिन्दी सिनेमा का जन्म सन् 1913 में दादा साहेब फालके  द्वारा बनायी फिल्म ‘राजा हरिश्चंद’ से माना जाता है। यह हिन्दी सिनेमा की पहली फिल्म थी। यह एक मूक फिल्म थी और सिनेमा का… Read more ›

क़ाबिले तारीफ़

क़ाबिले तारीफ़
विभा दीदी पीछे में तारीफ करते हैं भाई साहब ??उस दिन जब आप किचेन में थी तब आपकी काफी तारीफ कर रहे थे भाईसाहब ?फिर आप को देख कर चुप हो गए ? कल लल्ली ने लिखा …… पत्नी प्रोत्साहन… Read more ›

मनुहार की पाती

मनुहार की पाती
पूजनीय भैया सादर प्रणाम यहाँ सब कुशल है । आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है आप लोग भी सकुशल होंगे । दोनों भाभी व बाबू से बात हुई तो मैं अति उत्साह में बोली कि इस बार मैं किसी को… Read more ›

ऐ जी ओ जी पुराने ज़माने की बात जी

पति के लाश पर दहाड़ मारती पत्नी को देख पुष्पा को एक वाक्या याद आया ऐ जी तनि सुनत बानीं ~~ एगो गिलास पानी पियाइं न ~~ पति की आवाज पत्नी सुनते ~~ कर्कश आवाज में चिल्लाई… रउवा त हमेशा… Read more ›

भारतीय संस्कृति के पोषक थे मालवीय जी

भारतीय संस्कृति के पोषक थे मालवीय जी
पण्डित मदन मोहन मालवीय जी का जन्म 25 दिसम्बर 1861 को प्रयाग में हुआ था। आपके पिता श्री बृजनाथ जी कथावाचक थे। मालवा से आने के कारण इनका परिवार मालवीय कहलाया था।एक बार महात्मा गांधी जी ने कहा था-मैं मालवीय… Read more ›

पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है अल्मोड़ा

पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है अल्मोड़ा
कसर देवी मंदिर अल्मोड़ा से सात किलोमीटर दूर है। इस पवित्र मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद 1920 में यहां ध्यानमग्न हुए थे। मंदिर के पत्थरों पर गुदी आकृतियां इस बात… Read more ›