दीपक अनंत राव – आदमी/पुरुष – साप्ताहिक प्रतियोगिता

दीपक अनंत राव – आदमी/पुरुष – साप्ताहिक प्रतियोगिता
जन्म लिया कोख से, एक आदमी, हाँ ,एक जनाब पैदा हुआ၊ पहली सास में, रोते रोते वे, पहली और आख़िरी बार अपने माँ को खुश कर दिया၊၊ अटकी हुई रुआंसी को, गले में दबोचकर, माँ ने अपने लडके को चमकीली… Read more ›

अशोक योगी “शास्त्री” – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता

अशोक योगी “शास्त्री” – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता
हर बार छली जाती हूँ, अपनी पीड़ा बिसराकर, पीड़ा तुम्हारी हरने लगती हूँ , कारण एक ही है मै नारी हूँ ! सत् मे सिर्फ तुम्हारे ……… कारण यम से भीड़ी हूँ, त्रेता मे अग्निपरीक्षा से गुजरी हूँ, द्वापर मे… Read more ›

रानी कुमारी – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता

रानी कुमारी – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता
नारी ही प्रेम, वात्सल्य, स्नेह, समर्पण, है सृष्टि ,सृजन,मोह, माया और मुक्ति, नारी से ही अस्तित्व तेरा और मेरा, नारी ही भक्ति, नारी ही शक्ति। माँ ,बेटी, पत्नी और बहन, हर रूप में संवारती जीवन, चुपके से सब कष्ट सह… Read more ›

डॉ चन्द्र दत्त शर्मा – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता

डॉ चन्द्र दत्त शर्मा – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता
मैं नारी हूं !मैं नारी हूं !! मत समझो बस बेचारी हूं कोई कहते मुझे कटारी हूं कोई कहता कि लाचारी हूं मैं नहीं अरि इसलिए नारी खामोश अदालत है जारी । क्यों समझ लिया मुझे परपोषी , क्या अपराध… Read more ›

राखी टी सिंह – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता

राखी टी सिंह – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता
नर समान देखो नारी भी संसार रूपी गाड़ी है खेती परिश्रम रूपी अपनी सेवा से आँगन बगिया स्त्री है खिलाती घर की चार देखो वो दीवारी आनंद वाटिका सी महकाती जँहा जँहा वो कर है घुमाये वही खुद स्त्री धन… Read more ›

इंदिरा कुमारी – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता

इंदिरा कुमारी – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता
चलो लेखनी आज इतिहास पुनः दुहराऐं,शक्ति की प्रतिमूर्ति को विश्वास संग जगाऐं।ये अभिशाप नहीं समाज की संसार को बताऐं,है जननी यह सृष्टि की सर सम्मान संग झुकाऐं।उठें फिर नवजोश संग नवचेतना जगाऐं,श्री गणेश कर माॅ सीता संग प्रेरणा जगाऐं।वह कौन… Read more ›