गोरे अपने इंग्लैण्ड वापस चले गए

गोरे अपने इंग्लैण्ड वापस चले गए
प्रो.उर्मिला पोरवाल “सेठिया” (बैंगलोर) 15 अगस्त 1947 को भारत की धरती से अंग्रेजों का राज्य समाप्त हो गया। यानि गोरे अपने इंग्लैण्ड वापस चले गये और देश पर अपने ही देशवासियों का शासन हो गया था। उस समय चारों ओर… Read more ›

वर्ण पिरामिड

शीर्षक = जयहिंद >>>> 1 है भीती अधीती जयहिंद हिम ताज है तोड़ न सका है जयचंद संघाती >>>>> 2 भू गीती चुनौती अग्रवर्ती नेक-नीयती जुडाये अकृती जयहिंद उदोती >>>> 3 स्व सत विजयी खल हारा गर्व हमारा जयहिंद नारा… Read more ›

ईमानदार जी – अरविन्द पाठिक

ईमानदार जी – अरविन्द पाठिक
बैठे ठाले टी वी ऑन किया तो पता चला ईमानदार जी की प्रेस कांफ्रेंस चल रही है .ईमानदार जी बहुत गुस्से में थे .मुझे लगा हो ना हो ईमानदार जी का मफलर चोरी हो गया हो और वे इसकी जांच… Read more ›

महिला दिवस की शुभकामनायें केवल एक दिन के लिए नहीं सालो साल के लिए हो ….

महिला दिवस की शुभकामनायें केवल एक दिन के लिए नहीं सालो साल के लिए हो ….
एक दिन का नहीं उत्सव हर दिन का हो उत्साह हो ….. 1 माला की सूता संजोये दो दो ड्योढीं सेतु है सुता । 2 घर गमले स्त्री-वट हो बोंजाई रिश्ते सम्भले। 3 बिहँसे हिय छूती शिखर सुता नैन में… Read more ›

लिप का साल – रेखा मोहन

लिप का साल – रेखा मोहन
लिप का साल अधिवर्ष (Adhivarsh) लीप के साल को हिन्दी में लौद का साल भी कहा जाता है|लीप से मतलब रफ्तार को सही बनाए रखना और नियमित रखना भी है| लीप का साल हर चार साल बाद आता है| लीप… Read more ›

रचना – ज्योति गुप्ता

रचना – ज्योति गुप्ता
हीर बनी फिर पीर बनी दिल राँझड़  से मिल पाये ना।  शीतल जल की धार हुई मैं पर प्यासा मुझको पाये ना।  बिछुआ काटे मोहे नागिन डसती हाँ, जहर कोई चढ़ पाये ना।  कि, मैं तो खुश्बू हुई मन मोहक… Read more ›

बालमन ने उकेरे कल्पनाओं के रंग

बालमन ने उकेरे कल्पनाओं के रंग
राधा इण्टरनेषनल एकेडमी में बालमन ने उकेरे कल्पनाओं के रंग 100 बाल रचनाकारों की सहभागिता अलीगढ। बाल रचनाकारों की राश्ट्रीय पत्रिका ‘अभिनव बालमन’ द्वारा राधा इण्टरनेषनल एकेडमी में ‘अभिव्यक्ति 2016’ का आयोजन किया गया। जिसमें बाल रचनाकारों ने कहानी एवं… Read more ›

डर और एकता

डर और एकता
(रीतू सिंह कौरव) डर,बहुत बुरी चीज होती है डर | डर के कारण इंसान ना तो सच बोल पाता है और ना ही सच का साथ दे पाता है ,बस एक रोबोट की तरह जीता रहता है , डरता रहता… Read more ›

प्यार तो है – शिवानी

प्यार तो है – शिवानी
प्यार तो है उसे भी शायद चुपचाप देखा करता है…. पहले बोलता था अब खामोशी का वार किया करता है… राह में हर मोड़ पे मिलता तो है पर अनजान बना करता है… जितनी कहती हूं मन की बात उड़ा… Read more ›

हिम्मत मत हार तूँ

हिम्मत मत हार तूँ
हिम्मत मत हार तूँ, होगी हार, किस्मत में तेरी, पर, खुद पर कर, विश्वास तूँ। पंछी उड़ते, हिम्मत से खुद की, भले किस्मत ने दिए, डैने उनको। आगे बढ़, करले मुट्ठी मे, ये जहान तूँ, हिम्मत मत हार तूँ। नन्हीँ… Read more ›