महीना फागुन और दिल प्या‌र भरा – दीपक अनंत राव “अंशुमान”

नज़ारों में जीना,नज़ाकतों में बहना आदमी हर पल चाहता है तभी वो ज़िन्दगी में खुशियों से पलती है तभी वो सपनों का आज़मायिश भी महसूसते आदमी अपनी इरादों से गुज़रे हुए कल की नाकामयाबी को सार्थक बना देती... Read more »

बसंत प्रेम का महीना – बजरंग लाल सैनी वज्रघन

बसंत प्रेम का महीना गंध समीर, मंद-मंद मलय, विश्रांत तन। शीतल हवा, सुरधनु निखरे, रंग-बिरंगे । मधुर रव, सरिता कलकल, मन प्रसन्न। कोकिला कूजी, कर्णपट झंकृत, आनंद मग्न। रक्तिम नभ, कृष्ण मेघाग्र वक, शुभ्र धवल। संध्या समय, नीड़ सम्मुख खग,… Read more »

फागुन का महीना – किरण बाला

तज मलिन मन, सब संताप ह्रदय केनव उमंग भर, पुलकित उर कर ले नवयौवना प्रकृति संग,स्फूर्ति संचित कर लेप्रेम राग में हो रत, प्रेम धुन झंकृत कर लेफागुन का महीना आया हैसौगात प्रेम... Read more »

ए कुर्बानी,तेरा नाम ही शहीद – दीपक अनंत राव “अंशुमान”

वे जीते नहीं,वे सोते नहीं, सपनों को वे सोने पे पिरोते नहीं, गद्यारों को छोडते नहीं, दुश्मनों को वक्त वे देते भी नहीं၊၊ हर समाज की संपत्ति वे, हर परिवार के चमकते उजियाले वे, हर कोख का सौगंध... Read more »

प्यार का महीना – प्रियंका सिंह शोध छात्रा

“प्यार का महीना” मैं भटक ना जाऊं इतना प्यार तो करो किसी और की ना हो जाऊं ये खयाल तो करो ये प्यार का महीना है रूमानी मौसम भी कहीं दूर ना चली जाऊं ये आभास... Read more »

देखो फरवरी आयी है – देवेन्द्र प्रसाद

देखो फरवरी आयी है.. पीली सरसो लहरायी है। देखो फरवरी आयी है।। पेड़ों पर हरीयाली छायी। मदमस्त बसंत ऋतु आयी।। कोयल कु कु अब बोल रही। मन में सरस... Read more »

फागुन का महीना – इन्दिरा कुमारी

फागुन का महीना फागुनी बयार आज बहने लगी हो प्रफुल्लित प्रकृति सॅवरने लगी। फागुन का महीना मौसम सुहाना आगमन वसंत का स्वागत में गाना कुहू कुहू गीत कोकिल गाने लगी झूम झूम कली मुस्कुराने लगी फागुनी बयार आज बहने... Read more »

फागुन की मदमस्त बहार में – गोविन्द सिंह राव

इश्क के तेरे रंग में रंग कर, जीवन का हर तार पुकारे। प्रीत की रीत में खोने को अब, मेरा सब संसार पुकारे। फागुन की मदमस्त बहार में, सजनी तुझको... Read more »

देखो फागुन का आया महीना – रेणु झा

फागुन का महीना (गीत) देखो फागुन का आया महीना गजब सी खुमारी चढ़ी है, रंगों उमंगों से देखो फागुन की मस्ती बढ़ी है देखो फागुन का आया महीना गजब सी खुमारी चढ़ी है। कहीं सरशों झूमें खेतों में कहीं अनाजों… Read more »

ऋतु राज – डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव,”प्रेम”

ऋतु राज ऋतुओं का राजा आया। मौसम मधु मासिक लाया। फूले केसर की क्यारी। औ पीली सरसों प्यारी। कोयल ने गीत सुनाया। है सब का मन हर्षाया। फूलों का मौसम भाया। ... Read more »