दीवाली पर्वः सुख समृद्धि का प्रतीक

दीवाली पर्वः सुख समृद्धि का प्रतीक
दीपावली जैसे पर्व को प्राचीन काल से ही सुख व समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इस दिन देवी ‘लक्ष्मी‘ का पूजन होता है। धन संपत्ति तो शुरू से ही मानव समाज की आकांक्षा व आवश्यकता रही है। इस दिन… Read more ›

शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध रानीखेत

शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध रानीखेत
उत्तराखंड में स्थित रानीखेत अपने शांत वातावरण और खूबसूरत .श्यों के लिए प्रसिद्घ है। अगर आप गर्मियों में फेमिली के साथ घूमने या फिर रिफ्रेश होने का प्लान बना रहे हैं तो रानीखेत का रुख कर सकते हैं… अगर आप… Read more ›

सपनों का देश है थाईलैंड

सपनों का देश है थाईलैंड
थाईलैंड का उत्तरी हिस्सा हरे-भरे पहाड़ों व नदी घाटियों से घिरा है। आदिवासी संस्ति की झलक भी यहां मिलती है। बैंकाक से दो घंटे का सफर तय कर सैलानी पट्टाया पहुंच सकते हैं। यह सुंदर सागरतट है, जहां आप कोरल… Read more ›

सीमा की कलम से

सीमा की कलम से
नीली मौत मरती मेघालय की नदियाँ जहाँ मेघों का डेरा है, वहाँ मेघ से बरसने वाली हर एक अमृत बूँदों को सहेज कर समाज तक पहुँचाने के लिये प्रकृति ने नदियों का जाल भी दिया है। कभी समाज के जीवन… Read more ›

रोमान्स से भरपूर साउथ इंडिया के ये हिल स्टेशन

रोमान्स से भरपूर साउथ इंडिया के ये हिल स्टेशन
हरसिल से सात किलोमीटर की दूरी पर है साताल। यहां सात तालों का नजारा देखने लायक है। यह झील 9 हजार फीट की ऊंचाई पर है। यह झील इतनी बड़ी है कि आप पहाडि़यां, आसमान और बादलों की परछाइयां एक… Read more ›

अपनी वास्तुकला से चौंकाती है भूलभूलैया

अपनी वास्तुकला से चौंकाती है भूलभूलैया
लखनऊ में अपने नाम के अनुरूप पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनी भूल भुलैया अपने निर्माण के करीब 220 साल बाद भी वास्तुकला की अद्भुत नमूना बनी हुई है। अवध के नवाबों के शासन के मूक गवाह इस विशाल भवन… Read more ›