आतंकवाद के विरुद्ध विशाल सूफ़ी राष्ट्रीय सम्मेलन

आतंकवाद के विरुद्ध विशाल सूफ़ी राष्ट्रीय सम्मेलन
‘ऑल इंडिया तंज़ीम उलामा ए इस्लाम’ का वहाबी आतंकवाद के विरुद्ध कार्यक्रम 7 फ़रवरी दिल्ली में विशाल सूफ़ी राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ भारत के सुन्नी सूफ़ी मुसलमानों की प्रतिनिधि सभा ऑल इंडिया तंज़ीम उलामा ए इस्लाम का एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन… Read more ›

आनन्द संस्था ने अपने ही अन्दाज मे बनाया क्रिसमस डे ।

आनन्द संस्था ने अपने ही अन्दाज मे बनाया क्रिसमस डे ।
आन्नद आर्गेनाईजेशन फॉर सोशल डेवलपमेंट ने क्रिसमस डे पर दिल्ली मे न्यू फॆन्डस कालोनी के एक पार्क मे एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम उन बच्चों के लिए किया गया जो गरीब व वेसरा हॆ जो सड़को पर रहने मजबूर… Read more ›

दीप नहीं दिल जलेंगे खाली

दीप नहीं दिल जलेंगे खाली
(एम. अफसर खां सागर) रोज की तरह आज भी शाम के वक्त चैपाल सज चुकी थी। रावण दहन के बाद मूर्ति विसर्जित कर लोग धीरे-धीरे चैपाल की जानिब मुखातिब हो रहे थे। दशहरा वाली सुबह ही काका ने जोखन को… Read more ›

नवरात्रि: नौ शक्तिशाली दिन

नवरात्रि: नौ शक्तिशाली दिन
(प्रो.उर्मिला पोरवाल सेठिया बैंगलोर)  नवरात्रि ईश्वर के स्त्री रूप को समर्पित है। स्त्री शक्ति की पूजा इस धरती पर उपासना का सबसे प्राचीन रूप है। सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरे यूरोप और अरब तथा अफ्रीका के ज्यादातर हिस्सों में… Read more ›

कारवां गुजर गया और गुबार ही गुबार रहा

कारवां गुजर गया और गुबार ही गुबार रहा
(एम. अफसर खां सागर)    रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय, टूटे तो जुड़े नाहीं, जुड़े तो गांठ पडि जाए। इंसानी फितरत ने समाज के दो तबकों को इत तरह बांट दिया है कि विश्वास की डोर कमजोर ही नहीं… Read more ›

वर्ण पिरामिड

वर्ण पिरामिड
हम ख़ुद की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा लें तो वही बहुत है बलि का मीट बिना लहसुन प्याज का पकता दशहरा में शोर क्यों नहीं मचता हिन्दुओं-बात हिन्दुओं को पचता 1 स्व सरी निश्छल स्थिर होती सींचती जीव डूबा देती… Read more ›

मन और आत्मा की गुत्थी

मन और आत्मा की गुत्थी
एक छोटी बच्ची की मानसिक कल्पना का वर्णन:-मेरे घर के बाहर नीम का पेड़ है मेरे घर के बाहर नीम का पेड़ है जो मेरे मन को भाता हैं जब मे कमरे से एक कुर्सी पर बैठकर उस पेड़ को… Read more ›

हिंदी व्यथा

हिंदी व्यथा
शादी के बाद …… मेरे पापा की लिखी चिट्ठी …… मुझे लिखी , पढ़ने को मिली(शादी के पहले हमेशा साथ रहने की वजह) …. चिट्ठी की ख़ासियत ये होती थी कि ….. कभी वे भोजपुरी से शुरुआत करते तो …..… Read more ›

हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व …?

हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व …?
क्या  किताबों तक ही रह गई हैं हमारी ईमानदारी या इससे भी आगे हैं, हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व? वक्त गुजर जाता है मुकाम नही मिलता जमाने में सच्चाई को दाम नहीं मिलता,डिग्रीया रखीं है,फाइलों में कैद करके मेहनत -कश हाथों… Read more ›

युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा – प्रीती

युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा – प्रीती
हमारी युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा का नजरिया ….. आज हमारी युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन ना  मिलने के कारण वो अपने लक्ष्य से तो भटक ही रहे है और साथ -साथ बड़ी दुर्घटना का हिस्सा भी बन रहे… Read more ›