दीप नहीं दिल जलेंगे खाली

दीप नहीं दिल जलेंगे खाली
(एम. अफसर खां सागर) रोज की तरह आज भी शाम के वक्त चैपाल सज चुकी थी। रावण दहन के बाद मूर्ति विसर्जित कर लोग धीरे-धीरे चैपाल की जानिब मुखातिब हो रहे थे। दशहरा वाली सुबह ही काका ने जोखन को… Read more ›

नवरात्रि: नौ शक्तिशाली दिन

नवरात्रि: नौ शक्तिशाली दिन
(प्रो.उर्मिला पोरवाल सेठिया बैंगलोर)  नवरात्रि ईश्वर के स्त्री रूप को समर्पित है। स्त्री शक्ति की पूजा इस धरती पर उपासना का सबसे प्राचीन रूप है। सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरे यूरोप और अरब तथा अफ्रीका के ज्यादातर हिस्सों में… Read more ›

कारवां गुजर गया और गुबार ही गुबार रहा

कारवां गुजर गया और गुबार ही गुबार रहा
(एम. अफसर खां सागर)    रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय, टूटे तो जुड़े नाहीं, जुड़े तो गांठ पडि जाए। इंसानी फितरत ने समाज के दो तबकों को इत तरह बांट दिया है कि विश्वास की डोर कमजोर ही नहीं… Read more ›

वर्ण पिरामिड

वर्ण पिरामिड
हम ख़ुद की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा लें तो वही बहुत है बलि का मीट बिना लहसुन प्याज का पकता दशहरा में शोर क्यों नहीं मचता हिन्दुओं-बात हिन्दुओं को पचता 1 स्व सरी निश्छल स्थिर होती सींचती जीव डूबा देती… Read more ›

मन और आत्मा की गुत्थी

मन और आत्मा की गुत्थी
एक छोटी बच्ची की मानसिक कल्पना का वर्णन:-मेरे घर के बाहर नीम का पेड़ है मेरे घर के बाहर नीम का पेड़ है जो मेरे मन को भाता हैं जब मे कमरे से एक कुर्सी पर बैठकर उस पेड़ को… Read more ›

हिंदी व्यथा

हिंदी व्यथा
शादी के बाद …… मेरे पापा की लिखी चिट्ठी …… मुझे लिखी , पढ़ने को मिली(शादी के पहले हमेशा साथ रहने की वजह) …. चिट्ठी की ख़ासियत ये होती थी कि ….. कभी वे भोजपुरी से शुरुआत करते तो …..… Read more ›

हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व …?

हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व …?
क्या  किताबों तक ही रह गई हैं हमारी ईमानदारी या इससे भी आगे हैं, हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व? वक्त गुजर जाता है मुकाम नही मिलता जमाने में सच्चाई को दाम नहीं मिलता,डिग्रीया रखीं है,फाइलों में कैद करके मेहनत -कश हाथों… Read more ›

युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा – प्रीती

युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा – प्रीती
हमारी युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा का नजरिया ….. आज हमारी युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन ना  मिलने के कारण वो अपने लक्ष्य से तो भटक ही रहे है और साथ -साथ बड़ी दुर्घटना का हिस्सा भी बन रहे… Read more ›

अध्यापक दिवस के अवसर – प्रीति पुरी

अध्यापक दिवस के अवसर – प्रीति पुरी
अध्यापक दिवस के अवसर पर सभी को नमस्कार आदरणीय अध्यापक व अध्यापिका समूह इस अध्यापक दिवस के अवसर पर सबसे पहले में  अपने अध्यापिकाओं के प्रति आभार व्यक्त करना चाहती हूँ। जिन्होंने ने मेरी  प्रादुर्भाव स्कूल और समाज को जागृत… Read more ›

आजाद भारत पर क्या हम आजाद है ?

आजाद भारत पर क्या हम आजाद है ?
प्रो.उर्मिला पोरवाल “सेठिया” (बैंगलोर) ,15 अगस्त 1947 को भारत की धरती से अंग्रेजों का राज्य समाप्त हो गया। यानि गोरे अपने इंग्लैण्ड वापस चले गये और देश पर अपने ही देशवासियों का शासन हो गया था। उस समय चारों ओर… Read more ›