तीसरी आंख की पहरेदारी में होगी रामलीला

नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली में रामलीला का आयोजन देखने के लिए दिल्ली के कोने-कोने से लोग आते हैं। देशी-विदेशी पर्यटकों में रामलीला का उत्साह देखते बनता है। हाल के वर्षो में जेबतराशी, चोरी जैसे अपराधों के बढ़ते ग्राफ... Read more »

आनन्द संस्था के सदस्यों के दुवारा हुआ नीरजा भनोत जी का स्वरूप स्थापित

बात उस दौर कि जिस दौर में देश के लिए  सब एक थे , धर्म सिर्फ़ एक था राष्ट्रधर्म , मक़सद सिर्फ़ एक था आज़ादी , कहानी एक ऐसे मंदिर की जहाँ ना कोई हिंदू... Read more »

आतंकवाद के विरुद्ध विशाल सूफ़ी राष्ट्रीय सम्मेलन

‘ऑल इंडिया तंज़ीम उलामा ए इस्लाम’ का वहाबी आतंकवाद के विरुद्ध कार्यक्रम 7 फ़रवरी दिल्ली में विशाल सूफ़ी राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ भारत के सुन्नी सूफ़ी मुसलमानों की प्रतिनिधि सभा ऑल इंडिया तंज़ीम उलामा ए इस्लाम का... Read more »

आनन्द संस्था ने अपने ही अन्दाज मे बनाया क्रिसमस डे ।

आन्नद आर्गेनाईजेशन फॉर सोशल डेवलपमेंट ने क्रिसमस डे पर दिल्ली मे न्यू फॆन्डस कालोनी के एक पार्क मे एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम उन बच्चों के लिए किया गया जो गरीब... Read more »

दीप नहीं दिल जलेंगे खाली

(एम. अफसर खां सागर) रोज की तरह आज भी शाम के वक्त चैपाल सज चुकी थी। रावण दहन के बाद मूर्ति विसर्जित कर लोग धीरे-धीरे चैपाल की जानिब मुखातिब हो रहे थे। दशहरा... Read more »

नवरात्रि: नौ शक्तिशाली दिन

(प्रो.उर्मिला पोरवाल सेठिया बैंगलोर)  नवरात्रि ईश्वर के स्त्री रूप को समर्पित है। स्त्री शक्ति की पूजा इस धरती पर उपासना का सबसे प्राचीन रूप है। सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरे यूरोप और... Read more »

कारवां गुजर गया और गुबार ही गुबार रहा

(एम. अफसर खां सागर)    रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय, टूटे तो जुड़े नाहीं, जुड़े तो गांठ पडि जाए। इंसानी फितरत ने समाज के दो तबकों को इत तरह बांट दिया है... Read more »

वर्ण पिरामिड

हम ख़ुद की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा लें तो वही बहुत है बलि का मीट बिना लहसुन प्याज का पकता दशहरा में शोर क्यों नहीं मचता हिन्दुओं-बात हिन्दुओं को पचता 1 स्व सरी निश्छल स्थिर होती सींचती जीव डूबा देती… Read more »

मन और आत्मा की गुत्थी

एक छोटी बच्ची की मानसिक कल्पना का वर्णन:-मेरे घर के बाहर नीम का पेड़ है मेरे घर के बाहर नीम का पेड़ है जो मेरे मन को भाता हैं जब मे कमरे से... Read more »

हिंदी व्यथा

शादी के बाद …… मेरे पापा की लिखी चिट्ठी …… मुझे लिखी , पढ़ने को मिली(शादी के पहले हमेशा साथ रहने की वजह) …. चिट्ठी की ख़ासियत ये होती थी कि …..... Read more »