सावन की सोमवारी का बहुत महत्व होता है

सावन की सोमवारी का बहुत महत्व होता है   बोलते बम कटते जाते तम आस में हम   भाभी की माँ का 34 – 35 साल पहले का बताया किस्सा है ….. वे बोलती थी सच्ची बात है   एक… Read more ›

दहेज उत्पीड़न और दाम्पत्य विवाद, समाधान क्या?

दहेज उत्पीड़न और दाम्पत्य विवाद, समाधान क्या?
(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’) जब हम बीमार होते हैं तो किसी नीम हकीम के बजाय अच्छे डॉक्टर के पास जाते हैं! गम्भीर बीमारी होने पर विषय विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाते हैं। जैसे हड्डी टूटने पर ओर्थोपेडिक सर्जन के पास।… Read more ›

रेल यात्रा : सरस्वती पुत्र के साथ चर्चा

रेल यात्रा : सरस्वती पुत्र के साथ चर्चा
(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’)  मैं रेल यात्रा पर हूँ। सामने वाली बर्थ पर एक ब्राह्मण देवता बैठे हुए, अखबार के पन्ने पलटते हुए कहने लगे SC, ST को 10 साल के लिए नौकरियों में रिजर्वेशन दिया था। जिसे हर 10… Read more ›

एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक एकता परिचर्चा में बुद्ध धर्म अपनाने की अनिवार्यता बनी बाधक

एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक एकता परिचर्चा में बुद्ध धर्म अपनाने की अनिवार्यता बनी बाधक
(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’)  उदयपुर। 7 जून, 2015 को अखिल भारतीय संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच की डॉ. कुसुम मेघवाल जी की ओर से उदयपुर स्थित-मूल निवासी महल, टीचर्स कॉलोनी में अनेक प्रान्तों के प्रबुद्ध दलित-आदिवासी, ओबीसी और अल्पसंख्यक चिंतकों और… Read more ›

क्रीमीलेयर एक धोखा है-अजा एवं अजजा वर्गों में क्रीमी लेयर सम्भव नहीं!

क्रीमीलेयर एक धोखा है-अजा एवं अजजा वर्गों में क्रीमी लेयर सम्भव नहीं!
(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’) मोहनदास कर्मचन्द गांधी द्वारा देश के सभी वंचित वर्गों को हमेशा के लिये पंगू बनाये रखने के लिये जबरन थोपे गये पूना पैक्ट को लागू करने के लिये भारत के संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक न्याय… Read more ›

अन्धविश्वास निर्मूलन क़ानून का निर्माण ही इसका संवैधानिक समाधान है!

अन्धविश्वास निर्मूलन क़ानून का निर्माण ही इसका संवैधानिक समाधान है!
(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा) घोर आश्चर्य और दुःख की बात है कि एक ओर तो पुरुष द्वारा दृष्टि डालना भी स्त्रियों को अपराध नजर आता है और दूसरी ओर 21वीं सदी में भी महिलाएं इस कदर अन्धविश्वास में डूब हुई हैं… Read more ›

मनुवाद से मुक्ति, शुरूआत कैसे?

मनुवाद से मुक्ति, शुरूआत कैसे?
मनुवादी-धार्मिक-अंधविश्वासों के चलते हर दिन सैकड़ों लोग बेमौत मारे जा रहे हैं! ===================================================== सोशल मीडिया के मार्फ़त देशभर में मनुवाद के खिलाफ एक बौद्धिक मुहिम शुरू हो चुकी है। जिसका कुछ-कुछ असर जमीनी स्तर पर भी नजर आने लगा है!… Read more ›

भक्त और भगवान के बीच सेतु श्री हनुमान

भक्त और भगवान के बीच सेतु श्री हनुमान
प्रो. उर्मिला पोरवाल सेठिया (बैंगलौर) हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार चार युग हैं-सतयुग, त्रेता, द्वापर व कलियुग प्रत्येक युग में अलग-अलग ईष्वर अवतार, महापुरुष व नायक रहे हैं। जिक्र अगर त्रेता नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी का करें… Read more ›

भगवान महावीर के सिद्धान्तों की प्रासंगिकता

भगवान महावीर के सिद्धान्तों की प्रासंगिकता
प्रो. उर्मिला पोरवाल सेठिया (बैंगलौर ) भगवान महावीर, (जैन धर्म के संस्थापक और 24वे एवं अंतिम जैन तीर्थंकर) के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला जैन अनुयायियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है- महावीर जयंती। महावीर स्वामी द्वारा दिए… Read more ›

राजनीति में बदलाव की बयार

राजनीति में बदलाव की बयार
(आमिर खुर्शीद मलिक) ‘आप’ के उदय के साथ ही देश की राजनीति में अंदर ही अंदर बदलाव की बयार तेज हो गई है। भ्रष्टाचार के विरोध में बही बयार में नई किस्म की राजनीति का बिगुल आम आदमी पार्टी ने… Read more ›