हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व …?

क्या  किताबों तक ही रह गई हैं हमारी ईमानदारी या इससे भी आगे हैं, हमारी ईमानदारी का व्यक्तित्व? वक्त गुजर जाता है मुकाम नही मिलता जमाने में सच्चाई को दाम नहीं मिलता,डिग्रीया रखीं... Read more »

युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा – प्रीती

हमारी युवा पीढ़ी के लिए सही दिशा का नजरिया ….. आज हमारी युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन ना  मिलने के कारण वो अपने लक्ष्य से तो भटक ही रहे है और साथ -साथ... Read more »

अध्यापक दिवस के अवसर – प्रीति पुरी

अध्यापक दिवस के अवसर पर सभी को नमस्कार आदरणीय अध्यापक व अध्यापिका समूह इस अध्यापक दिवस के अवसर पर सबसे पहले में  अपने अध्यापिकाओं के प्रति आभार व्यक्त करना चाहती हूँ। जिन्होंने ने मेरी ... Read more »

आजाद भारत पर क्या हम आजाद है ?

प्रो.उर्मिला पोरवाल “सेठिया” (बैंगलोर) ,15 अगस्त 1947 को भारत की धरती से अंग्रेजों का राज्य समाप्त हो गया। यानि गोरे अपने इंग्लैण्ड वापस चले गये और देश पर अपने ही देशवासियों का शासन... Read more »

सावन की सोमवारी का बहुत महत्व होता है

सावन की सोमवारी का बहुत महत्व होता है   बोलते बम कटते जाते तम आस में हम   भाभी की माँ का 34 – 35 साल पहले का बताया किस्सा है ….. वे बोलती थी सच्ची बात है   एक… Read more »

दहेज उत्पीड़न और दाम्पत्य विवाद, समाधान क्या?

(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’) जब हम बीमार होते हैं तो किसी नीम हकीम के बजाय अच्छे डॉक्टर के पास जाते हैं! गम्भीर बीमारी होने पर विषय विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाते हैं। जैसे... Read more »

रेल यात्रा : सरस्वती पुत्र के साथ चर्चा

(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’)  मैं रेल यात्रा पर हूँ। सामने वाली बर्थ पर एक ब्राह्मण देवता बैठे हुए, अखबार के पन्ने पलटते हुए कहने लगे SC, ST को 10 साल के लिए... Read more »

एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक एकता परिचर्चा में बुद्ध धर्म अपनाने की अनिवार्यता बनी बाधक

(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’)  उदयपुर। 7 जून, 2015 को अखिल भारतीय संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच की डॉ. कुसुम मेघवाल जी की ओर से उदयपुर स्थित-मूल निवासी महल, टीचर्स कॉलोनी में अनेक प्रान्तों... Read more »

क्रीमीलेयर एक धोखा है-अजा एवं अजजा वर्गों में क्रीमी लेयर सम्भव नहीं!

(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’) मोहनदास कर्मचन्द गांधी द्वारा देश के सभी वंचित वर्गों को हमेशा के लिये पंगू बनाये रखने के लिये जबरन थोपे गये पूना पैक्ट को लागू करने के लिये... Read more »

अन्धविश्वास निर्मूलन क़ानून का निर्माण ही इसका संवैधानिक समाधान है!

(डॉ. पुरुषोत्तम मीणा) घोर आश्चर्य और दुःख की बात है कि एक ओर तो पुरुष द्वारा दृष्टि डालना भी स्त्रियों को अपराध नजर आता है और दूसरी ओर 21वीं सदी में भी... Read more »