नन्हें हाथों ने किए कमाल के रँग

नन्हें हाथों ने किए कमाल के रँग
दिल्ली। बाल रचनाकारों की राश्ट्रीय पत्रिका ‘अभिनव बालमन’ द्वारा हडसन लाइन स्थित लर्नर्स कासल स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता ‘मेरा मन मेरे रंग’ का आयोजन किया गया। इसमें प्ले वे के बाल रचनाकारों ने अपने नन्हे-नन्हे हाथों से चित्रों में रंग… Read more ›

केवल आदिवासी ही भारत के मूलवासी हैं।

केवल आदिवासी ही भारत के मूलवासी हैं।
  डॉ. पुरुषोत्तम मीणा (निरंकुश) हमारे कुछ मित्र दिन-रात “जय मूलनिवासी” और “मूलनिवासी जिंदाबाद” की रट लगाते नहीं थकते। बिना यह जाने और समझे कि मूलनिवासी का मतलब क्या होता है? साथ ही भारत के 85 फीसदी लोगों को भारत… Read more ›

व्यंग्य-जलवा तो प्रधानपतियों का है, जनाब!

व्यंग्य-जलवा तो प्रधानपतियों का है, जनाब!
(एम. अफसर खां सागर) प्रधानपति… प्रधानपति…. प्रधानपति। मेरे एक अविवाहित मित्र वर्मा जी अल्सुबह कुछ इसी तरह बढ़बढ़ाते हुए मेरे घर आ धमके। मुझसे रहा न गया, मैने पूछ ही दिया अरे भई आखिर माजरा क्या है? ये क्या बके… Read more ›

नारी-रत्नः एक गौरव गाथा

नारी-रत्नः एक गौरव गाथा
दिनांक, 15 नवंबर, 2015 नॉन कॉलिजिएट वुमन एजुकेशन बोर्ड, दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज शिक्षण केन्द्र पर ̒ नारी-रत्नः एक गौरव गाथा 2015̕ विषय पर कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में प्रथम वर्ष की छात्राओं ने भारतीय संस्कृति के प्रमुख… Read more ›

सोशल मीडिया में बदजुबान होती अभिव्यक्ति की आजादी

सोशल मीडिया में बदजुबान होती अभिव्यक्ति की आजादी
(एम. अफसर खां सागर) फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प सरीखे सोशल साइट्स ने वैश्विक स्तर पर लोगों को करीब आने का मौका दिया है तथा एक-दूसरे के विचारों और संस्कृति से परिचित भी कराया है। संचार का सदव्यवहार संवाद और संस्कृतियों के… Read more ›

क्या टीपू सुल्तान हिन्दू विरोधी था?

क्या टीपू सुल्तान हिन्दू विरोधी था?
– टीपू सुल्तान की हकीकत आज में आपके सामने रखता हु टीपू सुल्तान जेसी देशभक्त और महान सक्शियत के बारे में जो ग़लतफ़हमिया आज हमारे मुल्क में फैलाई जा रही हे उसका हकीकत से क्या वास्ता हे…. – टीपू सुल्तान… Read more ›

बाल श्रम की जंजीरों में सिसकता बचपन

बाल श्रम की जंजीरों में सिसकता बचपन
(एम. अफसर खां सागर) बच्चों को देश का भविष्य माना जाता है। समाज व राष्ट्र के विकास को गति देने के लिए हमेशा से बच्चों को बेहतर शिक्षा व संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रयत्न रहा है। मगर आर्थिक… Read more ›

सबसे खतरनाक दौर में पत्रकारिता

सबसे खतरनाक दौर में पत्रकारिता
(एम. अफसर खां सागर) मीडिया को देश का चैथा स्तम्भ माना जाता है। मीडिया ने हमेशा ही आम आदमी के हक-हकूक की आवाज बुलन्द करने का काम आजादी से पहले और बाद में भी किया हैै। अगर दूसरे शब्दों में… Read more ›

मिड-डे-मील से आगे ले जाना होगा प्राथमिक शिक्षा को

मिड-डे-मील से आगे ले जाना होगा प्राथमिक शिक्षा को
(एम. अफसर खां सागर)  शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की और खुशहाली के लिए बहुत जरूरी है। सभ्य समाज का निमार्ण शिक्षा के बिना मुम्किन नहीं है। तमाम कवायदों के बावजूद आजादी के 68 साल का लम्बा वक्त बीत जाने… Read more ›

पत्रकार के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए लामबंद हुए पत्रकार

पत्रकार के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए लामबंद हुए पत्रकार
महापंचायत कर भरा हुंकार, जल्द गिरफ़्तारी और 20 लाख की आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी की मांग चन्दौली। मुगलसराय स्थित अग्रवाल सेवा संस्थान में जिले के पत्रकारो की एक महापंचायत आयोजित की गयी। महापंचायत में विगत दिनों हुई पत्रकार हेमंत… Read more ›