पुस्तक समीक्षा-पारम्परिक मूल्यों का यथार्थ चिन्तन

पुस्तक समीक्षा-पारम्परिक मूल्यों का यथार्थ चिन्तन
(एम. अफसर खां सागर)  पुस्तक- हृदयनारायण दीक्षित और उनकी पत्रकारिता (शोध ग्रन्थ), लेखक- डा0 अनुभव अवस्थी प्रकाशक- पुस्तक पथ, साकेत नगर, वाराणसी, मूल्य- 350 रूपये (पेपर बैक)। पत्रकारिता में अनेकों प्रशंसनीय शोध हुए हैं, इन शोधों से पत्रकारिता जगत से… Read more ›

संगीत पर… हंगामा है क्यों बरपा?

संगीत पर… हंगामा है क्यों बरपा?
(एम. अफसर खां सागर) संगीत, साहित्य और कला ने समाज को हमेशा से दिशा देकर एकता और सौहार्द के मखमली डोर में पिरोने का काम किया है। संगीत को सरहदों में कैद नहीं किया जा सकता। आम जीवन में देखा… Read more ›

श्राद्ध

श्राद्ध
आज अंतिम दिन पितृपक्ष का कल से नवरात्र शुरू जान में जान हो जाने में राह आसान हो जान लें जाना कहाँ है जाने से पहले आत्मतृप्ति के बाद आत्मा तृप्ति की जरूरत नहीं होती  तीन में कि तेरह में… Read more ›

लेन देन की रिवाज – पुष्पा

लेन देन की रिवाज – पुष्पा
लेन देन की रिवाज … पहले तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ फिर उच्च तालिम के बाद दहेज़ तो जरूर दो, लो और ब्याह करवाओ उम्र की गाढ़ी कमाई से इसके बाद भी इसकी कोई गारंटी नहीं बेटी सुखी रहेगी या… Read more ›

गुर्राना सही वक़्त हो तो

गुर्राना सही वक़्त हो तो
बनना नहीं किसी की देवी  बनना नहीं किसी की दासी  भुलाना नहीं तुम हो जननी जगतजननी रूपा  भुलाना नहीं अपने जज्बातों को  निभाना अपने चुने रिश्तों को  निभाना अपने मिले दायित्वों को  डरना नहीं दहलीज़ पार की तो  डरना नहीं… Read more ›

डेंगू से बचाव और रोकथाम में निगम फिसड्डी

डेंगू से बचाव और रोकथाम में निगम फिसड्डी
-संवाददाता नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम स्थायी समिति की बैठक में डेंगू को लेकर सभी सदस्यों ने चिंता व्यक्त की है। निगम शासित भाजपा पर हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश गोयल ने कहा कि डेंगू से बचाव और… Read more ›

एकता का सूत्र हिन्दी

एकता का सूत्र हिन्दी
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।। यानी अपनी भाषा से ही उन्नति सम्भव है, यही सारी उन्नतियों का मूलाधार है। भाषा के ज्ञान के बिना हृदय की पीड़ा का… Read more ›

व्यंग — फेसबुकी बौझार

व्यंग — फेसबुकी बौझार
(शशि  पुरवार ) आजकल व्यंग विधा अच्छा खासी प्रचलित हो गयी है. व्यंगकारों ने अपने व्यंग का ऐसा रायता फैलाया है, कि बड़े बड़े व्यंगकार हक्के बक्के रह गए, अचानक इतने सारे व्यंगकारों का जन्म कैसे हुआ, आपके इस रहस्य… Read more ›

संस्कार- संस्कृति और सभ्यता

संस्कार- संस्कृति और सभ्यता
प्रो. उर्मिला पोरवाल सेठिया (बैंगलोर) भारत की अनेकानेक मान्यताओं एवं विषेशताओं में जो सर्वोपरी है वे है-संस्कार, संस्कृति और सभ्यता। सामान्यतया इन्हें पर्याय समझा जाता है लेकिन वास्तव में ये तीनों एक ही मार्ग (जीवन) के अलग-अलग पड़ाव है, जिनका… Read more ›

एनसीआरटी की स्थापना से आज तक अजा/अजजा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव

एनसीआरटी की स्थापना से आज तक अजा/अजजा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव
एनसीआरटी की स्थापना से आज तक अजा/अजजा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव जारी कार्यवाही हेतु हक रक्षक दल के प्रमुख ने प्रधानमंत्री और मानव संसाधन मंत्री को लिखा पत्र ============================================= डॉ. पुरुषोत्तम मीणा (जयपुर) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद… Read more ›