26 जनवरी / गणतंत्र दिवस / संविधान दिवस / पेड़ / वीर भूमि

#अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य साप्ताहिक प्रतियोगिता – हमारी वाणी

विषय – 26जनवरी/गणतंत्र दिवस/ संविधान दिवस / पेड़ / वीर भूमि
विधा – कविता
दिन – रविवार

विश्व का सबसे बड़ा ह मारा लोकतंत्र,
आज मना रहे हैं हम 71 गणतंत्र।

वीर शहीदो की शहादत को नमन किया जाए ,
जो सरहद पर खड़े उनका वंदन किया जाए।

26 जनवरी गणतंत्र की सुहानी रात होगी,
चारों ओर देश भक्ति से भरी बात होगी।

सर्व धर्म प्रेम से भरा हमारा हिंदुस्तान हैं ,
वीर की गौरव गाथा से ही इसकी पहचान हैं।

इस तिरंगे का रंग उन्होंने कभी फीका नहीं पड़ने दिया,
सारा सच तो यह है कि वीरो ने तिरंगे को कभी झुकने नहीं दिया।

हर हाल में मेरा भारत विश्व के साथ रहता हैं,
विश्व भर में सद्भावना शांति की बात कहता हैं।

यहां ना शौर्य की ना साहस की कमी है,
भारत रणबांकुरे वीरों की भूमि है।

परेड में वीरों के साथ में चलते पैर होंगे,
सीना चौड़ा करके दहाड़ते हुए शेर होंगे।

भारत का बच्चा बच्चा यहां का देशभक्त है,
दुश्मन से लड़ने के लिए भारत सशक्त हैं।

हवा में लहराते तिरंगे में चक्र हैं,
भारत के वीरों पर हमें फक्र हैं।

अंग्रेजों के क़ानून अंधे थे ,
हम लोग बेड़ियों से बंधे थे।

उस वक़्त बजा था संविधान रचने का शंख,
हर भारतीय को मिल रहा था उड़ने को पंख।

सब की मेहनत से एक ग्रंथ रचा गया,
उसे इस देश का संविधान कहा गया।

पीड़ित शोषित वंचित सबको अधिकार मिला,
मुरझाए हुए चेहरे पर रौनक का फूल खिला।

सारा सच यह है सब के दामन में एक रंग आया,
विश्व का सबसे सुंदर संविधान हमने पाया।

स्वरचित मौलिक रचना 🤞🏻
रचनाकार – दास बैरागी✍🏼
पता – इंदौर मध्य प्रदेश 🛣️