पूर्वी दिल्ली नगर निगम के शाहदरा उत्तरी जोन का बजट पेश

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आमदनी बढ़ी पर आय-व्यय में है बहुत अंतर

पूर्वी दिल्ली । पूर्वी दिल्ली नगर
निगम के शाहदरा उत्तरी जोन का
बजट निगम उपायुक्त जेएल गुप्ता ने
जोन कार्यालय में पेश किया। वर्तमान
वित्त वर्ष में जोन की आमदनी बढ़ी है,
लेकिन आय-व्यय में काफी अंतर है।
आगामी वित्त वर्ष का 78422.25 लाख
घाटे का बजट का बजट पेश किया
गया है। इस वित्त वर्ष का संशोधित
बजट भी 75452.86 लाख रुपये के
घाटे का है।
जोन उपायुक्त ने कहा कि अगले
वित्त वर्ष में आमदनी बढ़ाने के लिए
कई उपाय किए जाएंगे। इस मौके
पर उन्होंने निगम के विभिन्न विभागों
की उपलब्धियों की चर्चा भी की, जिसमे

शिक्षा, भवन व सफाई विभाग आदि
शामिल हैं। निगम उपायुक्त ने
2017-18 का अनुमानित बजट पेश
करते हुए कि अगले वित्त वर्ष में 5840.
86 लाख रुपये की आमदनी का लक्ष्य
रखा गया है, वहीं व्यय 84263.11
लाख रुपये होंगे। इस वित्त वर्ष का
संशोधित बजट पेश करते हुए उन्होंने
कहा कि आमदनी का लक्ष्य 5098.41
लाख रुपये और व्यय 80551.27 लाख
रुपये है। उन्होंने बताया कि जोन में
स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल को
बेहतर बनाने के प्रयास लगातार जारी
हैं। हाल ही में यहां पांच विषयों में
पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल डिग्री कोर्स
डीएनबी की शुरुआत की गई है। इसके
अलावा यहां कई सुविधाएं उपलब्ध
करवाई गई हैं, जिससे अस्पताल
लगातार बेहतर होता जा रहा है।
स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस की प्रक्रिया
के सरलीकरण से आमदनी में इजाफा
हुआ है। गत जहां 13 लाख रुपये की
आमदनी हुई थी, वह बढ़कर 14 लाख
से अधिक हो गई है। संपत्ति कर वसूली
के लिए लगातार अभियान चलाया गया,
जिसका फायदा यह हुआ कि 3,391
नए करदाता बढ़ गए। इसी वजह से
संपत्ति कर की वसूली भी अधिक हुई।
अब तक 17.62 करोड़ रुपये वसूले जा
चुके हैं। गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ
सख्ती की गई है। गंदगी फैलाने पर
5682 चालान काटे जा चुके हैं, जिससे
84.68 लाख रुपये की वसूली हुई है।
भवन विभाग की आय में भी इस वर्ष
वृद्धि हुई है। इस वर्ष अब तक 13.51
करोड़ रुपये की आमदनी हुई है, जो
पिछले वर्ष से 2.94 करोड़ रुपये अधिक
है। कन्वर्जन चार्ज जमा न करने वालों
के खिलाफ निगम सीलिंग की कार्रवाई
कर रहा है। गुप्ता ने बताया कि
व्यापारियों की सुविधा के लिए शाहदरा
समुदाय भवन में व्यापारी सुविधा केंद्र
खोला गया है। इसमें 1825 लाइसेंस
बने हैं। इससे 35.90 लाख रुपये की
आमदनी हुई है। इसके अलावा ट्रेड
लाइसेंस और वेटनरी विभाग की आमदनी
में भी इजाफा हुआ है। कर्मचारियों के
हितों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया
गया है। जोन के 2280
एवजीदार-दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों
को नियमित करने की योजना थी,
जिसमें 2062 कर्मचारियों को नियमित
किया जा चुका है, शेष फाइलें प्रक्रिया
में हैं।

 


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