रिटेल व्यापार में एफ डी आई के खिलाफ निर्णायक युद्ध का बजा बिगुल

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दिल्ली ब्यूरो। देश के खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश को अनुमति दिए जाने के खिलाफ कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आज नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पहली बार विभिन्न राजनैतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने किसी एक मुद्दे पर संयुक्त रूप से पत्रकारों को संबोधित करते हुए रिटेल व्यापार में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को अनुमति दिए जाने के खिलाफ जबरदस्त आन्दोलन चलाने हेतु बिगुल बजा कर निर्णायक संघर्ष का उदघोष  किया !

पत्रकार सम्मेलन में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी, जनता दल (यु) के अध्यक्ष श्री शरद यादव, कम्युनिस्ट नेता श्री ए.बी.बर्धन तथा अन्य मौजूद नेताओं ने रिटेल व्यापार में ऍफ़ डी आई को अनुमति देने को एक बड़ी साजिश बताते हुए संयुक्त रूप से कहा की वर्तमान केंद्र सरकार अर्थ नहीं अनर्थ नीति पर चल कर देश के बाज़ार, किसान की ज़मीन , मजदूरों की रोजी रोटी, लघु उद्योगों और ट्रांसपोर्टरों के भविष्य को बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के हाथो गिरवी रखने की हर चंद कोशिश करने में जुटी हुई है जिसका देश भर में कड़ा विरोध किया जाना देश के हित में है और या तो सरकार इस अधिसूचना को वापिस ले अन्यथा मजबूर होकर देश भर के सभी राजनैतिक दलों द्वारा दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई में छोटे व्यापारियों, किसानो, मजदूरों, हाकर्स सहित अन्य वर्गों को समर्थन देते हुए अगर सड़क पर भी उन्हें उतरना पड़ेगा तो कोई हिचकिचाहट नहीं होगी !

कैट द्वारा आयोजित इस संवादददाता सम्मेलन में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने घोषणा की की इस मुद्दे पर आगामी 7 मार्च को रिटेल व्यापार से जुड़े सभी वर्गों की एक विरोध महारैली होगी जिसमें देश भर से आये लोगों के अलावा इस मुद्दे का पुरजोर विरोध करने वाले सभी  राजनैतिक दलों के राष्ट्रीय नेताओं को भी सम्मेलन में बुलाया जायेगा ! अब यह मामला सीधे तौर पर वोट के साथ जुड़ गया है और जो भी दल इस मुद्दे का समर्थन करेगा उसे आने वाले चुनावों में पोलिंग बूथ स्तर तक हमारे प्रबल विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए-चुनौती देते हुए कहा श्री खंडेलवाल ने ! उन्होंने ने कहा की अब से देश भर में व्यापारियों सहित किसान,मजदूर,लघु उद्योग, हाकर्स, ट्रांसपोर्ट और अन्य वर्गों के लोग आक्रामक तरीके से अपना राष्ट्रीय अभियान चलाएंगे जिसमें 7 मार्च की महारैली से पहले सभी राज्यों में लगभग 500 संपर्क यात्रायें, 100  से अधिक चौपाल चर्चा, लगभग 500 धरने, प्रदर्शन,पुतला दहन आदि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ! एक विशेष तरीके का कार्टून अभियान भी आन्दोलन की रण नीति का अहम् हिस्सा होगा ! बड़े पैमाने पर देश के सभी राज्यों में गोलमेज सम्मेलन, सर्वदलीय सम्मेलन, परिचर्चाएं भी आयोजित की जाएँगी !

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ.मुरली मनोहर जोशी ने कहा की जिस प्रकार से केंद्र सरकार द्वारा इस विषय पर देश की जनता को गुमराह किया जा रहा है वेह सीधा देश के साथ विश्वासघात है और इसी लिए इस सरकार को अब बने रहने का कोई हक नहीं है ! उन्होंने साफ़ तौर पर कहा की आगामी लोकसभा चुनावों में एनडीए की सरकार बनने पर रिटेल व्यापार में विदेशी निवेश की अधिसूचना को सबसे पहले रद्द किया जायेगा ! उन्होंने यह भी स्पस्ष्ट करा की अभी यह विषय संसद में लंबित है क्योंकि फेमा क़ानून के नियमों में रिज़र्व बैंक द्वारा किये गए संशोधनों को अभी राज्य सभा में पारित होना बाकी है और जब तक ऐसा नहीं होता तब तक सरकारी अधिसूचना महज एक कागज़ ही है ! उन्होंने ने कहा की 7 मार्च को दिल्ली में प्रस्तावित रैली को सभी राजनैतिक दल अपना समर्थन देकर इसे सफल बनायें और रैली में शिरकत करते हुए सरकार और देश को सन्देश दें की देश हितों को दर किनार करते हुए मनमानी का राज हिंदुस्तान में कतई नहीं चलेगा ! डॉ. जोशी ने कहा की निर्णायक युद्ध की यह शुरुआत है और अब बात सड़कों पे होनी चाहिए !

जनता दल (यु) के अध्यक्ष श्री शरद यादव ने इस विषय पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा की बड़े कॉर्पोरेट घरानों और विदेशी कम्पनियों के दवाब में सरकार देश के करोड़ों लोगों के पेट पर लात मारने में लगी है लेकिन देश ने भी अब यह तय कर लिया है की अब इस सरकार को लात मारने का सही वक़्त आ गया है ! झूठे और बेबुनियाद तर्कों के सहारे अपनी जिद को पूरा करते हुए देश की आम जनता के साथ खिलवाड़ अब और ज्यादा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा ! उन्होंने देश के सभी राजनैतिक दलों से आवाहन किया की देश हित से जुड़े इस अहम् मुद्दे पर आपसी राजनैतिक विरोध भूल कर जिस प्रकार अब तक इसका समर्थन किया गया है उस से भी अधिक समर्थन देते हुए इसे एक जन-आन्दोलन बनाया जाए ! श्री यादव ने कहा की इस विषय पर सबकी एकजुटता ही इसकी सफलता है ! अलग अलग विचारधारा के लोग जब एक साथ किसी मंच पर आकर एक स्वर में बोलते हैं तभी क्रांति का आगाज़ होता है और इस मुद्दे ने सभी दलों के बंधनों को तोड़ दिया दिया है ! यह अद्भुत समर्थन है !

कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री ए.बी.बर्धन ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा की इस मुद्दे पर हमारा संघर्ष संसद में वोट के साथ ख़त्म नहीं हुआ है बल्कि और अधिक तेजी से देश भर में सड़कों पर यह आन्दोलन फैलेगा जब तक यह निर्णय वापिस नहीं हो जाता। सरकार को अपनी नासमझी की कीमत चुकानी होगी।