JNU छात्र नेता को धमकी, लिखा ‘मुस्लिमों से दुश्मनी सबसे बड़ी गलती’

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र नेता सौरभ शर्मा को लगातार धमकी भरे पत्र मिलने के बाद पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ने दो अलग-अलग धमकी भरे पत्रों पर दो एफआईआर दर्ज की हैं, जिसमें भारतीय दंड संहिता के तहत 506 और 507 की धारा में केस दर्ज किए गए हैं.

सौरभ को 14 जून से 20 जून तक 5 धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं. सौरभ ने बताया कि उन्हें अब तक 5 धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं. ऐसे ही 2 और पत्र आए जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी है.

सौरभ ने बताया कि पत्र में लिखा है, ‘सौरभ शर्मा जब से तुम जेएनयू में आए हो, अपनी गंदी राजनीति कर रहे हो. अपनी हरकतों से बाज आ जाओ, वरना जान से हाथ धोना पड़ेगा.’ जबकि एक पत्र में लिखा है, ‘सौरभ शर्मा, जिनके दम पर तुम जेएनयू में बदलाव लाने का सपना देख रहे हो, वो अब दोबारा सियासत में आने वाले नहीं हैं. जान प्यारी है तो हमारी यूनिवर्सिटी को छोड़कर चले जाओ वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहना.’

जबकि एक अन्य पत्र में लिखा है, ‘यूनिवर्सिटी में तुमने जो कुछ भी किया है उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. कोई हिंदु या कोई भक्त तुम्हें बचाने नहीं आएगा. तुमने मुसलमानों से और हमसे दुश्मनी कर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की है.’

सौरभ ने बताया कि पिछले तीन महीने से यौन उत्पीड़न के आरोपी महेंद्र लामा के विरुद्ध RSS का छात्र संगठन ABVP लगातार प्रदर्शन कर रहा है और प्रदर्शन करने के दौरान लामा ने उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी दी थी. इस धमकी के आधार पर उन्होंने महेंद्र लामा का नाम शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

उन्होंने कहा कि हम ऐसे धमकी भरे हुए पत्रों से डरने वाले नहीं हैं. अफजल गैंग अब असहिष्णु हो गया है. इनके ऐसे खतों से पता चलता है कि हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को कुचलने की कोशिश की जा रही है. हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की जांच की जाए और आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.

सौरभ ने कहा कि धमकी भरे पत्र मिलने के बाद जेएनयू प्रशासन से कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने और कैंपस के सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग की है, जिससे छात्र समुदाय सुरक्षित रहे. इस संदर्भ में उप कुलपति को भी एक शिकायत दर्ज कराई है.

जेएनयू एबीवीपी यूनिट के मंत्री दुर्गेश कुमार का कहना है कि जिस तरीके से राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया जा रहा है, यह इनके असहिष्णु होने का प्रमाण है. इस मामले में उन्होंने प्रशासन से जांच की मांग की है.