LIVE: फ्रांसीसी राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर, मोदी संग बैठक में रक्षा समेत कई समझौते संभव

नई दिल्ली.फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पत्नी ब्रिगिट के साथ तीन दिन के दौरे पर भारत आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार देर रात ने प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे। शनिवार सुबह मैक्रों राष्ट्रपति भवन पहुंचे, यहां नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। आज ही भारत और फ्रांस के बीच समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत होगी। इस दौरे में मोदी अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में मैक्रों की भव्य खातिरदारी भी करेंगे। उन्हें नाव से गंगा की सैर कराएंगे और घाट दिखाएंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया। बता दें कि जापान के पीएम शिंजो आबे के बाद मैक्रों यहां जाने वाले दूसरे राष्ट्राध्यक्ष होंगे।

तीन दिन के दौरे में क्या करेंगे मैक्रों?

शनिवार: दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत होगी

– राष्ट्रपति मैक्रों दौरे के पहले दिन शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, स्पेस, सुरक्षा, ऊर्जा से जुड़े मुद्दों चर्चा होगी। मेक इन इंडिया से जुड़े कई बड़े रक्षा समझौते भी हो सकते हैं।

रविवार: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समिट में जाएंगे

– मैक्रों और मोदी अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन की पहली समिट का इनॉगरेशन करेंगे। इसकी थीम जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण है। ये समिट राष्ट्रपति भवन में होगी। इसमें 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और चार देशों के प्रधानमंत्रियों के अलावा 125 देशों के रिप्रेजेंटेटिव भी हिस्सा लेंगे।

सोमवार: मिर्जापुर में सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे

– मैक्रों उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के दादर काला गांव में 75 मेगावाट के सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे। वे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल का दौरा करेंगे। यहां हैंडीक्रॉफ्ट के सामानों का केंद्र है। मोदी ने पिछले साल इसे शुरू किया था।

दोनों देशों के सीईओ के साथ होगी अहम बैठक

फ्रांस स्कॉर्पीन सबमरीन की डील चाहता है

– फ्रांस की मीडिया के मुताबिक, मैक्रों भारत को 100 से 150 रफाल एयरक्राफ्ट बेचना चाहते हैं। स्कॉर्पीन-क्लास की सबमरीन देने की भी मंशा है। इसलिए उनके साथ फ्रांस के टॉप डिफेंस फर्म के सीईओ आ रहे हैं। इसमें डसाल्ट एविएशन, नावेल, थेल्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। 5वीं पीढ़ी के प्लेन बनाने पर भी करार हो सकता है।

रियूनियन और जिबूती द्वीप पर हमें एंट्री मिल सकती है

– भारत-फ्रांस के बीच लॉजिस्टिक क्षेत्र में करार हो सकता है। फ्रांस मेडागास्कर के पास स्थित रियूनियन आइलैंड और अफ्रीकी बंदरगाह जिबूती में भारतीय जहाज को एंट्री दे सकता है। इससे भारत का समुद्र के रास्ते होने वाला कारोबार मजबूत होगा। जिबूती में चीनी सैन्य बेस भी है। यानी यह स्ट्रैटेजिक रूप से अहम है।

गणतंत्र दिवस में सबसे ज्यादा 5 फ्रांसीसी राष्ट्रपति रहे चीफ गेस्ट
– भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय साझेदारी की शुरुआत 20 साल पहले शुरू हुई। गणतंत्र दिवस परेड पर अब तक पांच फ्रांसीसी राष्ट्रपति चीफ गेस्ट बने हैं।
कारोबार:दोनों देशों के बीच 72 हजार करोड़़ रुपए का कारोबार है। फ्रांस, भारत में नौवां सबसे बड़ा फाॅरेन इन्वेस्टर है। 17 साल में 40 हजार करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं।

भारत में 1000 से ज्यादा फ्रेंच कंपनियां, फ्रांस में 120 भारतीय कंपनियां
– करीब 1000 फ्रेंच कंपनी भारत में है। करीब 120 भारतीय कंपनियों ने फ्रांस में निवेश कर रखा है। इन कंपनियों ने फ्रांस में 8500 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं। फ्रांस में 7000 लोगों को नौकरी दी है। फ्रांस में भारतीय मूल के 1.1 लाख लोग रहते हैं। ये फ्रांसीसी कॉलोनी रही पुड्‌डुचेरी, कराईकल, माहे के हैं।

2015 में पेरिस की सीन नदी में मोदी-ओलांद ने बोट पर चर्चा की थी

– 2015 में जब मोदी फ्रांस गए थे, तब वहां के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने उन्हें सीन नदी की सैर कराई थी। इसी दौरान डिप्लोमैटिक चर्चा भी हुई थी। अब मोदी ठीक वैसे ही मैक्रों को गंगा की सैर कराएंगे। चर्चा करेंगे। इस तरह दोनों देशों में बोट डिप्लोमेसी का एक नया ट्रैंड देखने को मिल रहा है।