मंडियों में सफाई का उचित प्रबंध नहीं

 

 

 

 

 

रूपनगर ( पियूष ) हालांकि सरकारी तौर पर प्रदेश में धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होनी है। परन्तु जिला हैडक्वाटर स्थित रूपनगर मंडी, चमकौर साहिब में कुछ दिन पहले धान की साठी किस्म की फसल मंडियों में पहुंच चुकी है। लेकिन मंडियों में खरीद प्रबंधों का कोई असर नहीं दिख रहा। मंडियों में सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। खासकर फोकल प्वाइंट अथवा गांवों की मंडियों की हालत तो और भी दयनीय है। कुछ दिन पहले डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार अग्रवाल ने जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर धान खरीद को लेकर सभी प्रबंध मुकम्मल करने के आदेश दिए थे। परन्तु अधिकारियों पर डीसी के आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा है।प्रदेश सरकार ने एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू करने का फैसला किया है। परन्तु धान की साठी किस्म की फसल पक कर तैयार हो गई है। कुछेक मंडियों में धान की फसल पहुंच चुकी है। भले ही धान की आवक कम हुई है। परन्तु मंडियों में सफाई का कोई प्रबंध नहीं है। दैनिक सवेरा की टीम ने मोरिंडा, चमकौर साहिब, पुरखाली, रूपनगर मंडी का दौरा किया। इन मंडियों में सफाई का कोई उचित प्रबंध नहीं है। मंडियों में घास उगी है। बिजली पानी का कोई प्रबंध नहीं दिख रहा। रूपनगर मंडी में गेहूं के अंबार लगे हुए हैं। ऐसे में अगर गेहूं नहीं उठाया जाता तो किसानों को धान रखने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बताया जाता है कि रूपनगर मंडी में खुले आसमान में पनसप, पनग्रेन व मार्कफेड का माल पड़ा है। हालांकि मंडी बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि धान का सीजन शुरू होने को कई दिन लग जाएंगे और जब तक धान की आवक शुरू होगी तब तक मंडियों में सफाई व्यवस्था को ठीक कर लिया जाएगा । उधर जिला मंडी अफसर अमरजीत सिंह ने संपर्क करने पर बताया कि बोली शुरू होने से पूर्व सफाई व अन्य प्रबंध मुकम्मल कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पनसप, पनग्रेन व मार्कफेड का गेहूं मंडी में पड़ा है, जो तीस सितंबर तक उठा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर से पहले मंडियों में सफाई हो जाएगी व रोशनी का पूरा प्रबंध किया कर लिया जाएगा।