MP में कोई नहीं होगा कांग्रेस का CM कैंडिडेट, चुनाव बाद ही चयन

मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस किसी भी चेहरे को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश में पार्टी की कमान दिग्गज नेता कमलनाथ को सौंपी है जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव समिति का प्रमुख बनाया गया है. पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अभी कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी है.

कांग्रेस कमेटी के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नियुक्त किए गए कमलनाथ ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस को किसी एक चेहरे की नहीं बल्कि हर चेहरे की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मेरा मुख्य उद्देश्य बीजेपी से मुकाबला करने के लिए विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए रोडमैप बनाना है.

उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है. ये सब खबरें सिर्फ मीडिया की उपज हैं.

कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 15 साल से मध्य प्रदेश में सिर्फ कलाकारी का राज चल रहा है. मध्य प्रदेश देश में सबसे भ्रष्ट प्रदेश बन गया है. आज किसान, नौजवान और दलित सब परेशान हैं. प्रदेश की जनता गरीब और सीधी है, लेकिन उसे ठगा जाए. ये बर्दाश्त नहीं है.

गौरतलब है कि इसी साल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. कांग्रेस राज्य की सत्ता में वापसी के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी है. आलाकमान विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में किस तरह का कोई मतभेद नहीं उभरने देना चाहता. इसी के मद्देनजर पार्टी ने रणनीति बनाई है कि किसी चेहरे को मुख्यमंत्री के रूप में आगे नहीं किया जाएगा.

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष छिंदवाड़ा सांसद कमलनाथ  पार्टी के दिग्गज नेता हैं. छिंदवाड़ा से 9 बार वे लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं. माना जा रहा है कि कमलनाथ को पार्टी की कमान सौंपे जाने के पीछे दिग्विजय सिंह की भी अहम भूमिका रही है. दिग्विजय सिंह के द्वारा कमलनाथ का समर्थन करने के बाद ही पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है.

पार्टी आलाकमान ने विधानसभा चुनाव जीतने के लिए मध्य प्रदेश को चार जोन में बांटा है. इन चार जोनों के लिए अलग-अलग अध्यक्ष पार्टी ने नियुक्त कर दिए हैं. बाबा बच्चन, रामनिवास रावत, जीतू पटवारी और सुरेंद्र चौधरी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.

माना जा रहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करके कांग्रेस चुनावी रणभूमि में उतरेगी. लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया कि सीएम के लिए किसी भी चेहरे को उम्मीदवार नहीं बनाएगी.

ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक हैं. ऐसे में उनकी अहम जरूरत दिल्ली में भी है. लोकसभा में मजबूती के साथ कांग्रेस पार्टी की बात रखने वालों में से वे एक हैं.