किताबें जिन्दगी को राह दिखाती हैं- अहमद हसन

Pahla Qadam

 

 

 

 

 

 

 

 


साहिल के गजल संग्रह पहला क़दम का हुआ लोकार्पण
लखनउ। गोमतीनगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी प्रेक्षागृह में विगत 27 जनवरी को मोहम्मद अली साहिल के गजल संग्रह पहला कदम का लोकार्पण प्रदेश के स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन ने किया। उन्होने कहा कि पुस्तकें जीवन को राह दिखाती हैं। आज जरूरत है कि लोग पुस्तकों को पढ़ें व जीवन को सकारात्मक दिशा दें। मोहम्मद अली साहिल पुलिस महकमे से हैं और उनके अन्दर ईमानदारी कूट-कूट कर भरी है जो उनकी गजलों में भी नजर आती है। उनकी गजलें इंसान को तारीकी से उजाले की तरफ ले जाती है। अगर इनकी तरह के कुछ अधिकारी मिल जायें तो पुलिस महकमें की सूरत ही बदल जायेगी। इस दौरान मुख्य अतिथि ने साहिल की नज्मों को पढ़ते हुए उनके ईमानदरी को दर्शाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर मलिक जादा मंजूर ने फ़रमाया कि दुनियां में चाहे कुछ रहे या न रहे लेकिन शायरी जि़न्दा रहेगी, एक दिन ताजमहल भले ना रहे लेकिन कबीर, तुलसी के साथ-साथ ग़ालिब की शायरी को लोग याद रखेंगे। मुफ़ती-ए-शहर मोहतरम इरफ़ान मियां फि़रंगी महली ने फ़रमाया कि साहिल की शायरी अंधेरे को उजाले की तरफ़ ले जाती है। श्रम राज्य मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि सहिल की शायरी आम इंसान के जज्बातों को जुबान देती। इनकी शायरी में इंसानी जिंदगी के तमाम पहलुओं को बड़ी संजीदगी से पेश किया गया है।
इस मौके़ पर मौ0 मुफ़ती इरफ़ान मियां फिरंगी महली, प्रो0 मलिकज़ादा मंजूर अहमद, मोहतरम जनाब आर0 के0 मित्तल, आई0 ए0 एस0 (रिटा0, मोहतरम जनाब डा0 अनीस अंसारी, वी0 सी0,उर्दू अरबी फ़ारसी यूनिवर्सिटी, मोहतरम जनाब ओ0 पी0 सिंह, ए0 डी0 जी0, इण्टेलीजेन्स सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद थे। प्रोग्राम में ग़ज़ल सिंगर प्रदीप सक्सेना ने साहिल साहब की  ग़ज़लों को पेश किया जिसको सभी ने बेहद पसन्द किया और दाद दी। प्रो0 मलिकज़ादा मंजूर अहमद ने फ़रमाया कि इतनी ताबनाक व खुशनुमा महफि़लें आम तौर पर लोकार्पण समारोह में कम ही देखने को मिलती हैं। प्रोग्राम के आखिर में जनाब फ़ारूक़ चैधरी, मैनेजर, आलमाइटी ने सभी मुअजि़्ज़ज मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। अनवारूल हसन के संचालन में कार्यक्रम परवान चढ़ा।

 

एम. अफसर खां सागर