PM मोदी बोले- लोकतंत्र कोई लेबर कॉन्ट्रैक्ट नहीं, जो 5 साल बाद सरकार बदल दो

लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत की बात सबके साथ’ कार्यक्रम में लोगों के सवालों के जवाब दिए. कवि और लेखक प्रसून जोशी के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने निजी अनुभवों के साथ-साथ सरकार के कामकाज पर भी बात की. इस दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि देश में विकास सिर्फ सरकार नहीं कर सकती है, ये एक जनभागीदारी का काम होना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा, ”लोकतंत्र कोई कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट नहीं है कि मैंने आज ठप्पा मारा वोट दे दिया. 5 साल काम करो मैं बाद में पूछूंगा कि क्या किया, वरना दूसरे को ले आउंगा. ये कोई लेबर कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, ये भागीदारी का काम है”.

दरअसल, प्रधानमंत्री से सवाल पूछा गया था कि उन्होंने सरकार के साथ-साथ लोगों को भी काम पर लगा दिया. लोग भी आज सरकार के साथ काम कर रहे हैं.

इस सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आज़ादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी, तो 1857 से 1947 तक देश में कई लोग ऐसे थे तो देश के लिए मर-मिटने के लिए तैयार थे. और हर जगह ऐसे ही होता था, लोग लड़ाई लड़ रहे थे, शहीद हो जाते थे और फिर दूसरा खड़ा हो जाता था. लेकिन महात्मा गांधी ने इस लड़ाई को जन आंदोलन बना दिया, अगर कोई कुछ भी कर रहा होता था तो उसे आज़ादी के साथ जोड़ दिया.

पीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने लोगों से कहा कि अगर तुम झाड़ू लगा रहे हो तो आज़ादी के लिए, शिक्षक हैं तो भी आज़ादी के लिए काम कर रहे हैं.

अपनी बात कहते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले कुछ समय में ये ही किया है. उन्होंने बताया कि हम टॉयलेट बनाने में, स्वच्छ भारत के अभियान में हर किसी में लोगों को साथ लेकर चल रहे हैं. अगर जनभागीदारी होगी तभी विकास होगा, सरकार अकेले दमपर विकास नहीं कर पाएगी.