पिता

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एक छाँव का छाता
,, कड़ी धूप से बचाता
एक प्रबल सबल
 ,,प्राय: दोनो हाथ लुटाता
एक पर्वत अचल
 ,,अडिग साहस जगाता
एक चमकीला सूर्य
 ,,रोशनी का अंबार लगाता
एक अनंत आकाश
 ,,ऊँचाई की राह बताता
एक कठोर शिला
  ,,नाजुक क्षणों में जीना सिखाता
एक सपनों का ढ़ेर
   ,,हर पल नए स्वप्न दिखाता
पूनम शुक्ला

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