शांति पुरोहित – हाइकु

0 commentsViews:

shanti purohit

 1

 अश्रु का कण
ह्रदय सीप बंद
बनेगा मोती
2
द्वार दिल का
दस्तक अपनापन
नेह छलके
3
दानी सुमन
सर्वस्व करे दान
सदा हर्षाता

———————————————————-

दीपक जले
प्रियतम की राह
आलोक भरे

झरते पात
बिछ गयी चादर
भू सज रही

ध्यान से बजे
जीवन सितार
तार ना टूटे

शान्ति पुरोहि


Facebook Comments