यह संविधान में प्राप्त आने जाने की स्वतंत्रता के अधिकार की मृत्यु है

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” यह केवल एक लड़की की मृत्यु नहीं बल्कि संविधान में प्रदत्त कहीं भी आने जाने
की स्वतंत्रता के अधिकार की मृत्यु हुई है ! देश के नेताओं को संवेदना एवं
प्रार्थना व्यक्त करने की बजाय उन कठोर क़दमों की घोषणा करनी चाहिए जिनसे इस
प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृति न हो और देश में महिलाएं और नागरिक
सुरक्षा महसूस करें !
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन
खंडेलवाल ने गैंग रेप की शिकार युवती की मृत्यु पर संवेदना प्रकट करते
हुए कहा की पूरे देश में नागरिक यदि 1 जनवरी तक स्वयं राष्ट्रीय शोक
मनाएं, यही उसके प्रति सच्ची श्रधांजलि होगी ! उन्होंने कहा की पूरे देश
में नव वर्ष के
कार्य्रक्रम न मनाये जाएँ, यह शोक की घडी है !
हम शर्मिंदा हैं! इस देश में जहाँ सदियों से सदा नारी का सम्मान किया जाता रहा
है उसी भारत की धरती को कुछ लोगों ने नारी के सम्मान की धज्जियां उड़ाते हुए
उसे कलंकित किया है ! इससे ज्यादा शर्मनाक बात कुछ नहीं हो सकती !



MD AFSAR KHAN*
{Journalist & Writer}*

 


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