सपनों का देश है थाईलैंड

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थाईलैंड का उत्तरी हिस्सा
हरे-भरे पहाड़ों व नदी घाटियों
से घिरा है। आदिवासी संस्ति
की झलक भी यहां मिलती
है। बैंकाक से दो घंटे का
सफर तय कर सैलानी पट्टाया
पहुंच सकते हैं। यह सुंदर
सागरतट है, जहां आप कोरल
आइलैंड के आश्चर्यजनक
संसार से रूबरू हो सकते
हैं। पारदर्शी तल वाली बोट
में बैठ समुद्र के भीतर के
अद्भुत .श्यों को देखना
रोमांचक होता है।

मुस्कुराते हुए लोगों के देश थाईलैंड
को स्माइलिंग कंट्री कहना गलत नहीं
लगता। पर्यटकों के स्वागत में
मुस्कराहट बिखरते यहां के लोग बेहद
शांतिप्रिय हैं। यहां की अधिकतर आबादी
बौद्ध धर्मावलंबी है। छोटे से इस देश
में वर्षभर में 9 मिलियन सैलानी आते
हैं। इसीलिए कारण पर्यटन को बढ़ावा
देने के लिए यहां कई तरह की सुविध्
ााएं उपलब्ध हैं। अत्याधुनिक इमारतें,
व्यस्ततम बिजनेस एवं शॉपिंग मॉल
और बड़े-बड़े एक्सप्रेस हाइवे हैं। यहां
विदेशी पर्यटकों की सुविधा का काफी
खयाल रखा जाता है।
थाईलैंड पर्यटन की शुरुआत बैंकाक
से होती है। वैसे तो बैंकाक एक रंगीन
मिजाज का शहर है, पर यहां कई
भव्य बौद्ध मंदिर भी हैं, जिन्हें वाट
कहा जाता है। बैंकाक का ग्रैंड पैलेस
वास्तव में दर्शनीय है। इसी परिसर में
एमरल्ड बौद्ध मंदिर है, जिसमें थाईलैंड
की सबसे पवित्र मानी जाने वाली बुद्ध
प्रतिमा है। दूसरा वाट अरुण अर्थात
सूर्योदय मंदिर भी खास तौर से प्रसिद्ध
है। नदी के दूसरे छोर पर स्थित इस
मंदिर का वास्तुशिल्प अद्भुत है। किसी
टॉवर के समान दिखता इसका ऊंचा
शिखर दूर से ही सैलानियों को आकर्षित
करता है।
वाट फोह-वाट फोह यहां का
प्राचीनतम मंदिर माना जाता है, जिसमें
बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा है। बैंकाक
भ्रमण में पर्यटक पूरब का वेनिस कहे
जाने वाले थाबुरी केनाल बोट का
मजा ले सकते हैं। यहां नावों पर
फल-सब्जी बाजार लगता है जो शायद
कहीं और देखने को नहीं मिल सकता।
यहां नेशनल म्यूजियम में बौद्ध शिल्प
व थाई कला के नायाब नमूने हैं। जिम
थाम्सन थाई हाउस में भी थाई कला व
शिल्प का दुर्लभ संग्रह है। बैंकाक आने
वाले सैलानी ड्रीम वर्ल्ड व सफारी
वर्ल्ड को नहीं भूल पाते। यह आध्
ाुनिक थीम पार्क हैं, जहां पूरे परिवार
के लिए मौज-मस्ती के साजो-सामान
हैं। एक बार प्रवेश के बाद निकलने
का मन नहीं होता। यहां के एडवेंचर
व फैंटेसी लैंड पर्यटकों को रोमांच से
भर देते हैं। सफारी वर्ल्ड में पहुंचकर
सैलानी स्वयं को दुनिया के कई वन्य
जीवों के बीच पाते हैं। यहां डॉलफिन
शो भी पर्यटकों को पसंद आता है।
शाम ढलते ही बैंकाक मस्ती में डूब
जाता है। तमाम पर्यटक यहां की नाइट
लाइफ में खो जाते हैं। बैंकाक की
रंगीनियां सैलानियों को अपने रंग में
रंग लेती हैं।
थाईलैंड का उत्तरी हिस्सा हरे-भरे
पहाड़ों व नदी घाटियों से घिरा है।
आदिवासी संस्.ति की झलक भी यहां
मिलती है। बैंकाक से दो घंटे का
सफर तय कर सैलानी पट्टाया पहुंच
सकते हैं। यह सुंदर सागरतट है, जहां
आप कोरल आइलैंड के आश्चर्यजनक
संसार से रूबरू हो सकते हैं। पारदर्शी
तल वाली बोट में बैठ समुद्र के भीतर
के अद्भुत .श्यों को देखना रोमांचक
होता है। यहां नाइट क्लब का टिफनी
शो देखे बिना पट्टाया की यात्रा अधूरी
मानी जाती है। पट्टाया के निकट नोंग
नूच विलेज में थाईलैंड के पारंपरिक
नृत्य व सांस्.तिक कार्यक्रम भी पर्यटकों
के आकर्षण के केंद्र हैं।
फुकेत
थाईलैंड के दक्षिण में स्थित फुकेत
प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह विश्व के
महत्वपूर्ण बीच-रिसॉर्ट्स में से एक है।
यहीं के पतोंग बीच, करोन बीच एवं
काटा बीच पर सैलानियों की भीड़
रहती है। पतोंग बीच, यहां के नाइट
मार्केट, बार और सेक्स शो के लिए
जाना जाता है। फुकेत के आसपास
कुछ छोटे-छोटे द्वीपों की सैर भी की
जा सकती है। थाईलैंड के शॉपिंग
सेंटरों में भी पर्यटकों की भीड़ लगती
रहती है। थाई सिल्क, हस्त शिल्प एवं
रंग-बिरंगे मूल्यवान रत्न यहां से खरीदे
जा सकते हैं। थाईलैंड जाने के लिए
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई व कोलकाता से
बैंकाक तक थाई एयरवेज व इंडियन
एयरलाइंस की सीधी उड़ानें हैं। कुछ
विश्वस्तरीय टूर ऑपरेटर भी यहां के
लिए टूर आयोजित करते हैं। जिनमें
आने-जाने, रहने, खाने व घूमने की
व्यवस्था होती है।

 


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