कश्मीर में 60,000 और लोगों को निकाला गया

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Jammu_20140910

श्रीनगर । बारिश की वजह से
आज सुबह बाढ़ प्रभावित जम्मू कश्मीर
में राहत अभियान थोड़ा प्रभावित हुआ,
वहीं कश्मीर घाटी में बाढ़ में फंसे
60,000 और लोगों को सेना और
एनडीआरएफ बचाव टीमों ने निकाला।
मौत और तबाही लाने वाली सदी की
राज्य की सबसे त्रासद बाढ़ में पिछले
कुछ दिनों से एक लाख से अधिक
लोग बेबस, असहाय बने हुए हैं। घाटी
के कई हिस्से में हल्की बारिश हुयी,
जिससे इलाके में दिक्कतें और बढ़ने
की आशंका होने लगी। पिछले सप्ताह
मूसलाधार बारिश से घाटी पहले ही
परेशानी का सामना कर रही है।
वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि
बारिश और घने बादल के मद्देनजर
वायु सेना ने राहत आपूर्ति ढो रहे
विमानों को रोक दिया। हालांकि, दवाइयां
ढोने का आपात अभियान जारी रहा।
वायु सेना के हेलिकॉप्टरों से राहत
अभियान दिन में 11ः 15 में फिर शुरू
हो गया। श्रीनगर के एसडीएम सैयद
आबिद रशीद शाह ने बताया कि खराब
मौसम से दिक्कतें होंगी क्योंकि कई
लोग बिना आश्रय के अभी भी सड़कों
पर हैं। कुछ जगहों पर लोग टेंट में हैं
जो वाटरप्रूफ नहीं है। आईएमडी के
निदेशक बीपी यादव ने कहा, ‘‘सुबह
में हल्की बारिश हुयी। लेकिन, हमने
कोई चेतावनी जारी नहीं की। राज्य में
आज भारी बारिश नहीं होगी।
वायुसेना ने जम्मू और कश्मीर क्षेत्रों
में बाढ़ आने के बाद से बड़े स्तर पर
राहत एवं बचाव अभियान चलाया है।
राहत अभियान की जिम्मेदारी मिलने
के तुरंत बाद किये गये हवाई सर्वेक्षण
के दौरान कश्मीर घाटी की स्थिति
बताते हुए सिंह ने कहा जब हमने सात
सितंबर को आपरेशन शुरू किया, घाटी
का बहुत बड़ा प्रतिशत भाग जलमग्न
था.. कश्मीर घाटी समुद्र की तरह थी।
हम झेलम, डल झील और आबादी
वाले इलाकों में अंतर नहीं कर पाए।
यह पूरा एक जलाशय की तरह था।’’
उन्होंने कहा कि जब अभियान शुरू
हुआ तो बहुत परेशानियां थीं क्योंकि
टेलीफोन नेटवर्क टूटा हुआ था और
स्थानीय चीजों की जानकारी के लिए
किसी से संपर्क नहीं हो सका। जम्मू
क्षेत्र के उधमपुर के रहने वाले और
एक घंटे के नोटिस पर अभियान की
देखरेख करने घाटी आने वाले सिंह ने
कहा इसलिए हमने हवाई सर्वेक्षण और
लोगों से जितनी जानकारी मिली उसके
आधार पर आकलन तेज किया।’’
शुरूआत में अभियान का जोर जलमग्न
घरों में फंसे लोगों को बचाने पर था।
इसके लिए, कमांडो ने रस्सी के सहारे
छतों, बालकनी और खिड़कियों से लोगों

को निकाला। कम से कम एक हजार
लोगों को इस तरह से निकाला गया।
वायुसेना ने घाटी में बाढ़ में फंसे
लोगों खासकर पर्यटकों को तुरंत
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम
भी किया। उन्होंने कहा कि इस उददेश्य
से हेलीकाप्टरों और विमानों द्वारा कई
उड़ानें भरी गईं। उन्होंने कहा कि कुल
मिलाकर 11 हजार लोगों को सुरक्षित
स्थानों पर ले जाया गया और करीब
दो हजार टन का वजन उठाया गया।
सिंह ने कहा कि राहत एवं बचाव
अभियान में करीब 70 हेलीकाप्टरों और
विमानों की सेवाएं ली गई हैं

 


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