डेंगू से बचाव और रोकथाम में निगम फिसड्डी

malariamosquito P-8

-संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर
निगम स्थायी समिति की बैठक में डेंगू
को लेकर सभी सदस्यों ने चिंता
व्यक्त की है। निगम शासित भाजपा
पर हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष
मुकेश गोयल ने कहा कि डेंगू से
बचाव और रोकथाम में दिल्ली नगर
निगम फिसड्डी साबित हो रहा है।
डेंगू महामारी का रूप धारण कर
चुका है।
इसकी आशका जून में ही जाहिर
की गई थी, लेकिन समय रहते कारगर
कदम नहीं उठाए गए। जरूरी सामान
और स्टॉफ की भारी कमी है। ऐसे में
डेंगू से बचाव व रोकथाम के लिए
उपाय करना मुश्किल लग रहा है।
तुर्रा यह है कि निगम फर्जी आकड़े
पेश कर लोगों को गुमराह कर रहा
है।उत्तरी दिल्ली नगर निगम में नेता
प्रतिपक्ष व स्थायी समिति के सदस्य
मुकेश गोयल ने नोडल एजेंसी दक्षिणी
दिल्ली निगम की ओर से जारी आकड़ों
का हवाला देते हुए कहा कि 29 अगस्त
तक डेंगू के 645 मामले दर्ज किए
गए। जबकि इसी अवधि में पिछले
साल मात्र 33 मामले सामने आए थे।
वर्ष 2013 में 162 डेंगू के मामले दर्ज
किए गए। वर्ष 2012 में 13 व वर्ष
2011 में 73 मामले दर्ज किए गए।
अब 645 डेंगू के मामले में 352 अकेले
उत्तरी दिल्ली निगम में रिपोर्ट किए
गए हैं, जो निगम के स्वास्थ्य विभाग
की निष्क्रियता को दर्शाता है। डेंगू के
114 मामले तो केवल पिछले सप्ताह
में दर्ज किए गए हैं। यानी रोजाना
लगभग 17 मामले प्रकाश में आ रहे
हैं। उन्होंने विभाग की ओर से पेश
रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगाते
हुए कहा कि जनवरी से अगस्त के
बीच करीब 1 करोड़ 32 लाख घरों में
ब्रीडिंग की चेकिंग गले से उतर नहीं
रहा है, जबकि स्टाफ की भारी कमी
है। 1 लाख 35 हजार मकानों में
छिड़काव की सूचना पर भी उन्होंने
सवाल खड़े करते हुए कहा कि उत्तरी
दिल्ली में करीब 6 लाख मकान हैं,
इसका मतलब हर चौथे मकान में
छिड़काव किया गया है। इस पर विश्वास
नहीं किया जा सकता। डेंगू को लेकर
स्थायी समिति के सदस्य राजेश
भाटिया और पृथ्वी सिंह राठौर ने
भी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल
खड़े किये।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय
ने उम्मीद जताई है कि एक हफ्ते
के भीतर डेंगू वायरस के सबटाइप
(उपप्रकार) की पहचान कर ली
जाएगी। यह वायरस दिल्ली में
तेजी से फैल रहा है। अब तक
इसकी चपेट में 831 लोग आ चुके
हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक
वक्तव्य में कहा गया है कि वायरस के
सबटाइप की पहचान का काम एम्स में
किया जा रहा है। उम्मीद है कि एक
हते के भीतर परिणाम आ जाएगा।
गौरतलब है कि डेंगू के चार सीरोटाइप
(1,2,3 और 4) की विभिन्न राज्यों में
समय-समय पर पहचान की गई
है।दिल्ली में अभी फैले सीरोटाइप की
पहचान का इंतजार किया जा रहा है।
इससे पहले 29 अगस्त तक दिल्ली में
डेंगू के 831 मामले सामने आए थे।
इसके चलते दो लोगों की मौत हो
चुकी है, जबकि एक अन्य मौत का
मामला संदिग्ध रहा।