बालमन ने उकेरे कल्पनाओं के रंग

apni chitrkari ke saath baal rachnaakar (1)

राधा इण्टरनेषनल एकेडमी में बालमन ने उकेरे कल्पनाओं के रंग 100 बाल रचनाकारों की सहभागिता

अलीगढ। बाल रचनाकारों की राश्ट्रीय पत्रिका ‘अभिनव बालमन’ द्वारा राधा इण्टरनेषनल एकेडमी में ‘अभिव्यक्ति 2016’ का आयोजन किया गया। जिसमें बाल रचनाकारों ने कहानी एवं चित्रकला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त किया।
कहानी में संदर्भदाता पल्लव षर्मा ने बाल रचनाकारों को बताया कि हम जिस तरह की कहानी लिखना चाहते हैं पहले उससे सम्बन्धित विविध पहलुओं पर विचार करना चाहिए। कहानी ऐसी हो जिसमें स्वयं के अनुभव षामिल हों। खुद का नज़्ारिया हो एवं मनोरंजन के साथ सीख भी मिले। ऐसी ही महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखते हुए सभी बाल रचनाकारों ने ऐसी प्रमुख बातों का ध्यान रखते हुए बारिष की कमी, पेड़ों की महत्वता, धर्म, नन्ही चिडि़या, होनहार रघु, जन्मदिन पर वरदान, मनुश्य की चाह, ईष्वर रूप में माँ जैसी सार्थक कहानियों की रचना की।
चित्रकला में बाल रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक चित्र बनाए। किसी में स्वच्छता का सन्देष तो किसी में पर्यावरण को बचाने का सन्देष था तो किसी में गुदगुदाते कार्टून केरेक्टर बाल रचनाकारों की रुचि को अभिव्यक्त कर रहे थे। रंग-बिरंगी चित्रकारी में सभी बाल रचनाकार पूरी तरह रच-बस गए थे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबन्धक गौरव षर्मा ने कहा कि बच्चों को इस तरह अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करना आवष्यक है। इसके माध्यम से बच्चों की रुचि को समझने में सहायता मिलती है।
अभिनव बालमन के सम्पादक निष्चल ने कहा कि हर बच्चा रचनात्मक है। बस जरूरत है तो उसकी रचनात्मकता को निखारने-सँवारने की। ‘अभिनव बालमन पत्रिका’ निरन्तर इस ओर प्रयासरत है।
इस अवसर पर अभिनव बालमन टीम के आषीश, लखन, अपूर्व के साथ-साथ विद्यालय के अमित चौहान, विपिन वषिश्ठ, सिद्धार्थ, बिंदू षर्मा, ष्वेता सोनम, रष्मि, उमा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।