साइबर अपराध बढ़ने से चुनौतियां बढ़ींः राजनाथ

rajnath

हैदराबाद। साइबर अपराधों में वृद्धि
के कारण देश के समक्ष चुनौतियां
बढ़ने की बात कहते हुए केंद्रीय गृहमंत्री
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार
जल्द ही इसकी रोकथाम की रणनीति
को मजबूत करेगी। सरदार वल्लभभाई
पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी
(एसवीपी-एनपीए) में आईपीएस
प्रोबेशनरों के 66वें बैच के दीक्षांत समारोह
को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा
कि इंटरनेट और मोबाइल फोन के
आगमन ने साइबर अपराध के रूप में
एक ऐसा जहर घोल दिया है, जिसके
वैश्विक दुष्परिणाम हैं।
सिंह ने कहा इसने हमारी चुनौतियों
को स्वाभाविक रूप से बढ़ा दिया है।
वर्ष 2013-14 के साइबर अपराध से
जुड़े आंकड़े दर्शाते हैं कि यह 50
प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहे
हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र
प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में
शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, पूर्वाेत्तर
के राज्यों में साइबर अपराध से जुड़ी
शायद ही कोई घटना सामने आई है।
गृहमंत्री ने कहा यह जरूरी नहीं कि
कोई साइबर अपराधी आपके शहर या
देश में ही रहे। साइबर अपराध दुनिया
के किसी भी कोने से किया जा सकता
है और यह किसी को भी, कहीं भी और
कभी भी प्रभावित कर सकता है। भाजपा
के वरिष्ठ नेता ने कहा कि गृह मंत्रालय
साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए
सभी जरूरी कदम उठा रहा है और
जल्दी ही सरकार साइबर अपराध
रोकथाम रणनीति को मजबूत करेगी।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की
संख्या में वृद्धि और इसके नए आयामों
को देखते हुए, पुलिस प्रशिक्षण एवं
पुलिस संगठन का आधुनिकीकरण बेहद
जरूरी है। सिंह ने आगे कहा मैं आपको
आश्वासन देता हूं कि हमारी सरकार
पुलिस सुधार लागू करने और पुलिस
बल के आधुनिकीकरण में बिना किसी
देरी के तेजी लाने के लिए कदम
उठाएगी। सिंह ने पास होने वाले 128
अधिकारी प्रशिक्षुओं में महिला अधिकारी
प्रशिक्षुओं की संख्या महज 28 होने पर
चिंता भी जाहिर की। उन्होंने जोर
देकर कहा कि उनकी संख्या 50
प्रतिशत से ज्यादा होनी चाहिए।