पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है अल्मोड़ा

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कसर देवी मंदिर अल्मोड़ा से सात किलोमीटर दूर है। इस
पवित्र मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। कहा
जाता है कि स्वामी विवेकानंद 1920 में यहां ध्यानमग्न हुए थे।
मंदिर के पत्थरों पर गुदी आकृतियां इस बात का इशारा करती
हैं कि इस मंदिर को राजा रूद्रक ने बनवाया था। इस जगह
से हिमालय का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।

अल्मोड़ा के बारे में हम सबने यह कविता पढ़ी है-
अल्मोड़ा के घने जंगल,
उंघते अनमने जंगल।
चारों तरफ पहाड़ और जंगल से घिरा उत्तराखण्ड का छोटा सा हिल स्टेशन
है- अल्मोड़ा। चारों ओर पहाड़ों से घिरे इस हिल स्टेशन को कुमाऊं की
सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। यहां चारों पहाड़ी की चोटी पर मंदिर हैं।
यह मंदिर हैं- माता बनारी देवी, कसर देवी, स्याही देवी और सूर्य भगवान का
मंदिर। अल्मोड़ा की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों का मन मोह लेती है। प्रा.तिक
सुंदरता के साथ-साथ यहां बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों के अलावा नीले
व हरे रंग की खूबसूरत पर्वत श्रेणियां भी लुभाती हैं। यहां ऐसे कई विस्मयकारी
दृश्य हैं, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं और इसे उत्तरी भारत का खूबसूरत
हिल स्टेशन बनाते हैं।अल्मोड़ा और उसके आसपास ऐसी कई जगह हैं, जो
पर्यटक की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। कुमाऊं के लोगों के बीच भगवान गोलू को
समर्पित चिताई मंदिर प्रसिद्ध है। यहां मांगी गई मुराद पूरी होने के बाद लोग
छोटी-छोटी घंटियां टांगते हैं। यह मंदिर के चारों तरफ पाइन के खूबसूरत
जंगलों से घिरा है। हजार साल पुराना नंदा देवी मंदिर अल्मोड़ा के मुख्य
आकर्षण में से एक है। इस मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई
है। हर साल यहां नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमें भाग लेन

पड़ोसी इलाके से युवक-युवतियां आते हैं। दूसरे मुख्य आकर्षण डियर पार्क,
ब्राइट एंड कार्नर और कसर देवी मंदिर हैं।
डियर पार्क अल्मोड़ा से सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर हैं। ब्राइट एंड
कार्नर अल्मोड़ा से दो किलोमीटर की दूरी पर खूबसूरत पर्यटक स्थल है। यहां
से हिमालय की चोटी के बीच उगते और डूबते सूरज का मनोरम दृश्य देखा
जा सकता है। यहां पर विवेकानंद लाइब्रेरी देखी जा सकती है। यहां विवेकानंद
मेमोरियल भी है, जहां स्वामी विवेकानंद अपनी यात्रा के दौरान थोड़ी देर के
लिए रूके थे। अल्मोड़ा से पांच किलोमीटर दूर खूबसूरत स्थल है कालीमट
यह जगह मां काली को समर्पित है। यहां से बर्फ से ढकी हिमालय की चोटी
का खूबसूरत नजारा मन मोह लेता है।दस किलोमीटर दूर मारटोला हरियाली
से भरा बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। यह जगह ज्यादातर विदेशियों का निवास
स्थाल है। अल्मोड़ा से सात किलोमीटर की दूरी पर ओडिशा के सूर्य मंदिर के
बाद सूर्य देवता का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है। यह मंदिर लगभग आठ
सौ साल पुराना हैं। यह मंदिर ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ बेहतरीन
कारीगरी का उदाहरण है।
कसर देवी मंदिर अल्मोड़ा से सात किलोमीटर दूर है। इस पवित्र मंदिर का
उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद 1920
में यहां ध्यानमग्न हुए थे। मंदिर के पत्थरों पर गुदी आकृतियां इस बात का
इशारा करती हैं कि इस मंदिर को राजा रूद्रक ने बनवाया था। इस जगह से
हिमालय का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।
इसके अलावा अल्मोड़ा के आसपास कई ऐसी जगह हैं जहां घूमा जा सकता
हैं। जैसे सोमेश्वर, कौसानी, भिनसर, जगेश्वर, रानीखेत, मुक्तेश्वर और
नैनीताल।अल्मोड़ा ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन जगह है। ट्रैकिंग का सही समय
है- सितम्बर से अप्रैल। वैसे अल्मोड़ा आप कभी भी घूमने जा सकते हैं।
नजदीकी हवाई अड्डा पंतनगर 127 किलोमीटर दूर है। नजदीकी रेलवे स्टेशन
काठगोदाम 90 किलोमीटर दूर है। अल्मोड़ा जाने के लिए सड़क यातायात
सबसे बेहतर है।

 


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