उप्र. के 44 जिले सूखाग्रस्त घोषित, केन्द्र से मांगी मदद

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लखनऊ । केंद्र सरकार के एक दल ने उŸार प्रदेश के 44 जिलों को
सूखाग्रस्त घोषित किया। अब इन जिलों के किसानों के साथ ही अन्य को राहत
दिलाने की कार्रवाई को लेकर 27 सितंबर को बैठक होगी। उŸार प्रदेश के मुख्य
सचिव आलोक रंजन ने सूबे के सूखाग्रस्त जिलों के किसानों को राहत दिलाने
के लिए केंद्रीय प्रतिनिधि दल से प्रदेश के विभिन्न विभागों को कार्ययोजना के
तहत 6138.42 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव दिया है। मुख्य सचिव को
केंद्रीय दल के तीन अधिकारियों के साथ जनपदों में स्थलीय निरीक्षण एवं ्रमण
कार्यक्रम में आवश्यक समन्वय एवं सहयोग के लिए नोडल अधिकारी नामित
किया गया है। केंद्रीय दल विभिन्न जिलों का निरीक्षण कर 27 सितंबर को
लखनऊ में एक बार फिर बैठक करेंगे। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया
कि सूखाग्रस्त जनपदों में विभागवार कार्ययोजना के तहत विभिन्न जनपदों से
फसल के नुकसान के लिए किसानों को राहत सहायतार्थ 685.41 करोड़ रुपये,
कार्ययोजना के तहत कृषि विभाग के लिए 999.33 करोड़, उद्यान विभाग के लिए
20.57 करोड़, मत्स्य विभाग के लिए 71.06 करोड़, पावर कारपोरेशन के लिए
1162.00 करोड़, सिंचाई एवं जलसंसाधन के लिए 91.39 करोड़, पशुपालन
विभाग के लिए 639.76 करोड़, लघु सिंचाई के लिए 258.65 करोड़, भूजल विभाग
के लिए 9.11 करोड, स्वास्थ्य विभाग के लिए 38.76 करोड़, सिंचाई विभाग के
लिए 1498.10 करोड़, जल निगम के लिए 555.03 करोड़ व वन विभाग के लिए
109.25 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।