क्या सज़ा मिलनी या होनी चाहिए …. ??

vibha

एक पत्नी जब भी अपने पति का mobile छूती …. उसके पति झपाटा मार कर mobile छिन लेते और अक्सर डांट पड़ती पत्नी को कि वो पति का mobile ना छूए …. किसी का फोन आए तो वह फोन ना उठाए …. ऐसा मौका कम ही मिलता …. जब कभी वो mobile छूए और उसके पति आस-पास ना हों …. लेकिन पत्नी को भी ,पति का फोन छूना – देखना अपना हक़ समझती अच्छा लगता …. कभी – कभी जब ऐसा मौका मिलता …. वह उस फोन का msg पढ़ती …. msg-box में एक नंबर से ही हमेशा प्यार में पगी पगली का msg होता …. पत्नी को पढ़ कर ,बड़ा अजीब लगता …. कभी तो पढ़ कर छोड़ देती …. कभी वो अपने पति से सवाल करती कि ये किसका नंबर है , जो आपको इस तरह का msg करती है …. पति अक्सर टाल जाते कि अनजाना नंबर है …. उन्हें इसके बारे में नहीं पता …. पत्नी झुँझलाती – कहती कि आपका नंबर उसके पास कैसे आया होगा …. तो पति बोलते कि वो सरकारी नौकर हैं …. जनता के सेवक हैं …. उनका नंबर निकालना कौन सा मुश्किल काम है …. कोई मज़ाक करता है …. मुझे इतनी फुरसत कहाँ कि पता करूँ कि कौन मेरे से इतना प्यार करता है …. कभी वो ही नंबर ,missing नंबर में भी होता तो …. कभी receiving में भी होता तो …. उनका जबाब हाजिर होता …. फोन आया था …. hello किया तो कट गया …. मज़ाक में आई – गई बात हो जाती ….

खैर ….
ये वर्षो चलता रहा …. हाल के दिनों में Good Morning …. Good Night के msg भी आने लगे …. पत्नी को जब मौका लगता पढ़ कर …. कट कर रह जाती …. जबाब तो उसे मालूम ही था , क्या मिलेगा … कभी , अगर वो अपने mobile से या land-line से फोन करती तो उसे कोई उठाता ही नहीं …. पूरा रिंग हो कर कट जाता ….
लेकिन …. एक बार receving call को पत्नी उठा ली और जब तक वो कुछ बोलती , उधर से आवाज आई और फोन करने वाली ने अपना नाम जो बताई …. उस औरत को पत्नी बहुत अच्छे से जानती – पहचानती थी ….
पति के ऑफिस में ही वो औरत काम करती थी …. बहुत ही खूबसूरत …. चंचल – वाचाल …. धनी ,जाना माना प्रतिष्ठित परिवार से …. पत्नी से प्यार करने वाला सीधा-मासूम पति भी …. सरकारी बड़ा ऑफिसर …. बड़े प्यारे – अच्छे तीन बच्चे दो बेटी एक बेटा ….
पत्नी को विश्वास ही नहीं हुआ कि वो ऐसा कर सकती है …. उसे लगा अभी गलत नंबर लग गया है …. पत्नी को तब भी कोई शक अपने पति पर नहीं हुआ ….
इसे कहते हैं आँख बंद कर विशवास करना ….
पति को अपने मेहनत और लगन के बल पर promotion तो नहीं मिला लेकिन उसी पद का जिम्मा मिला …. वो उस पद के लिए हकदार तो हो गए थे …. लेकिन उसमें देरी थी …. क्यूँ कि सरकारी काम था …. promotion सिलसिलेवार ढ़ंग से सब के साथ होने वाला होता है ….
दूसरे दिन न्यूज़-पेपर में न्यूज़ था …. तो शाम में बधाई का msg भी मिला ….
पति अपने पत्नी से बोले कि आज शुक्रवार है …. कल – परसो (शनिवार-रविवार) छुट्टी है …. सोमवार को अपने नए office में कार्यकाल संभाल लूँगा ….
शुक्रवार को ही शाम से रात गुजरने लगी …. करीब रात के 10-10:30 बजे पति महोदय थके – हारे घर आए और बोले कि आज ही उन्हें join करना पड़ा …. ऑफिस वालों के दबाब में …. पत्नी बोली तो एक फोन कर देते कि इतनी देर क्यूँ हो रही थी …. पति चिल्ला पड़े …. तुम्हें तो केवल अपने बारे में सोचना होता है …. अपने बारे से अलग , दूसरे के बारे में सोचना पड़ता …. तब ना सोच रही होती कि इतना काम था कि दम मारने का फुरसत नहीं था …. ना जाने तुम्हें फोन कैसे करता …. पति बेचारे थके – हारे थे …. खाना खा कर सो गए …. तो पत्नी उनका phone ली , और देखी कि उसमें msg था कि वो सबसे ज्यादा प्यार करती है इस लिए आज join करने के उपलक्ष में सबसे पहले Celebration मेरे साथ होना चाहिये ….
उस दिन भी वो बेबकूफ पत्नी ये नहीं सोची कि ये अचानक हुआ भी तो उसे ये कैसे पता चला ….
पत्नी को कभी ये सोच में भी नहीं आया कि send-box को ही जरा खंगाल ले ….
उसे अपने पति पर पूरा विश्वास था …. उसका मानना था कि जहां प्यार है , वहाँ पूरा विश्वास रहना चाहिए और जहां विश्वास है वहाँ ना तो जलन की गुंजाइश होती है और ना कोई शक का कोई जगह होता है ….
वो बेबकूफ ये नहीं जानती थी कि जहां अति विश्वास होता है , वहीं बारीक रेखा की दूरी पर विश्वासघात रहता है ….
उस रात पत्नी को mobile लंबे समय के लिए मिला तो वो send-box को इस विश्वास के साथ देखी कि उसमें उस औरत को कोई msg उसके पति नहीं किए होंगे ….
लेकिन पत्नी स्तब्ध रह गई जब उसे ये देखने को मिला कि उस औरत के सारे msg का जबाब उतने ही प्यारे अंदाज में दिया गया है …. और सारे सूचनाएँ भी उसके पति द्वारा ही दिया गया है ….
पत्नी के क्रोध का कोई ठिकाना नहीं रहा …. फिर भी सुबह उठ कर नाश्ता बनाई …. नाश्ता करा दी …. तब वो पुछी कि ये msg आप जो किए हैं …. उसका मतलब वो क्या समझे …. ??
पति तब भीय झूठ बोले किया तुम जिसके बारे में सोचा रही हो वो नहीं है …. ये मेरा ही लड़का साथी है …. तो पत्नी बोली कि आप समलैंगिग हैं …. ठीक है अगर वो लड़का है तो मुझे अपने ही mobile से एक call करने दीजिये कि या वो लड़का है या वो है जिसके बारे में main निश्चित रूप में जानती हूँ …. तब पति दौड़ कर भाग कर bathroom में घुस कर सारे msg और No. को delete कर दिये और पत्नी को समझाने लगे कि जो तुम सोच रही हो एकदम गलत है …. उस औरत को कैंसर है और वह बहुत परेशान रहती है …. उसके मानसिक सांत्वना – संबल देने के लिए मैं इस तरह का msg दे रहा हूँ ….
पत्नी बोली :- ऑफिस के इतने सारे लोगों में एक आप ही उसे मिले ….. अगर आप के मन कोई पाप नहीं था तो जब मैं पुछती थी तो आप मुझे क्यूँ नहीं बताए और आज भी झूठ पर झूठ बोलते रहे …. आप पहले जब भी उससे मिलने जाते थे …. तो मुझे भी बताते थे या मुझे भी साथ ले जाते थे …. एक दिन वो औरत मुझ से बोली कि ऑफिस सब लोग मुझे आपके साहब की रखैल बोलते हैं …. तो मैं घर आकर आपको बोली कि आपके office के लोगों का कितना संकुचित मानसिकता है कि ऐसी गंदी -घटिया बातें करते हैं …. तब से आप मुझे बाहर कहीं भी ले जाना छोड़ दिये …. और आज उसी औरत से इस तरह का msg का क्या अर्थ निकालूँ मैं …. ?? अगर वो मर रही है तो और जरूरी था , आपको मुझे उसमें शामिल करना …. पति भी माने कि हाँ ,ये गलती हो गयी …. मुझे तुम्हें शामिल(अगर वो पति ,अपनी पत्नी को बता भी देता तो जो msg हुआ था …. उसका उसे अधिकार मिल जाता …. उन msg का कोई गलती नहीं होता ) करना चाहिए था …. वह मेरी गलती है …. उसका जो तुम सज़ा देना चाहो सज़ा दो ….
अब आप ब्लॉगर मित्र बताएं कि उस पति को क्या सज़ा मिलनी या होनी चाहिए …. ??

विभा रानी श्रीवास्तव