ममता – Dr CHANDRASEKHAR J

ममता – Dr CHANDRASEKHAR J
https://www.hamarivani.in/2026/03/dr-chandrasekhar-j.html
.
ममता सभी महिलाओं में झलकती है,
सब कुछ सहिष्णुता में महिला अपनाती है।
सहन शक्ति धरती में सदैव उमड़ती है,
प्राकृतिक सुन्दरता से ही यह धरा भरी है ।।
अत्याचार की मूल स्थिति असहन है,
केवल नारी मात्र अधिक इसमें तड़पती है ।
फिर भी इनमें समता भाव झलकता है,
व्यभिचार का टप्पा सदा स्त्री को ही लगता है ।।
ममता, सहन भाव का उगम वात्सल्य से है,
वात्सल्य का उद्गम श्रृंगार भाव से ही होता है ।
श्रृंगार रस का भाव सच्चे प्यार में निहित है,
प्यार ही भरता शांति — सद्भाव जीवन में है ।।
क्यों प्यार फेर लिया मूँह, श्रृंगार से हैं ?
ममता का आस धरती में अब अगोचर है।
भ्रूण को भी अपने के से काट फ़ेंक रहे हैं,
क्या सद्भाव की मूर्ति छिपी हुई दानवता में हैं ?
Dr CHANDRASEKHAR J
LECTURER, DEPT OF LANGUAGES,
CHRIST JUNIOR COLLEGE
BANGALORE
